ईशान कटा होना दुर्भाग्य सूचक---

आपके घर के वास्तु में ईशान कोण का बहुत महत्व है, ईशान कोण उत्तर कोने को माना गया है। इस स्थान को वास्तु शास्त्र में भगवान की दिशा माना गया है। जैसा कि शब्द से ही स्पष्ट है कि यह स्थान ईश्वर का स्थान है। और यही कारण है कि यदि यह भाग कटा हो तो अशुभ माना जाता है तथा आपकी उन्नति में बाधा आती है। इस भाग पर आने जाने का रास्ता हो तो भी यह भाग उन्नति में बाधक होगा, क्योंकि इस कारण इस भाग पर जूते-चप्पलों का प्रयोग होगा।

यदि घर का यह हिस्सा कटा हुआ हो तो तुरन्त बंद कर देना चाहिए व स्थान शुद्ध करके वहाँ भगवान की मूर्ति स्थापित करना चाहिए। आप अपने धर्मानुसार इष्ट देव की मूर्ति या धर्म से संबंधित पवित्र वस्तुएँ भी रख सकते हैं।
जैसा कि शब्द से ही स्पष्ट है कि यह स्थान ईश्वर का स्थान है। और यही कारण है कि यदि यह भाग कटा हो तो अशुभ माना जाता है तथा आपकी उन्नति में बाधा आती है। इस भाग पर आने जाने का रास्ता हो तो भी यह भाग उन्नति में बाधक होगा।


यदि कुछ और न रख सकने जैसी जगह हो तो उस स्थान पर पानी का मटका या कोई हरे पौधे का गमला भी रख सकते हैं। यदि यह भाग घर के अन्य भागों से बड़ा हो तो अति उत्तम परिणाम देने वाला साबित होता है। जो भी इस स्थान पर बने कमरे में रहेगा उसे जीवन में सदैव उन्नति प्राप्त होगी।

पानी का हौज जमीन में बना हुआ और मकान में अंदर ही निर्मित हो तो उस दरवाजे को बंद कर दूसरे स्थान से दरवाजा बनाना चाहिए। इस स्थान पर शौच आदि का स्थान हो तो उसे तुरन्त बंद कर देना चाहिए व अन्यत्र जहाँ भी सुविधा हो वहाँ बना लेना चाहिए। पश्चिम-दक्षिण में हो तो ठीक रहेगा। शौच स्थान उत्तर पूर्व या ईशान में नहीं होना चाहिए। इस बात के लिए कम से कम ईशान का ध्यान अवश्य रखें।
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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