"ख्वाब"

ख्वाब ही हैं जो जिंदगी को जीना सिखा देते हैं,
ख्वाब ही हैं जो मौत से भी लड़ना सिखा देते हैं,
आप तो बस टूटे हुए ख्वाबों की बात करते हो
हम टूटे ख्वाब को भी,ख्वाब मे मुकम्मल बना देते हैं.
हम ख्वाब देखते हैं,मगर हकीकत मे जिया करते हैं
. ख्वाब को मंजिल नहीं रास्ता कहा करते हैं
आप तो ख्वाब देखकर ही ख्यालों मे खो जाते हो,
हम ख्यालों को भी ख्वाब मे हकीकत बनाया करते हैं.
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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