विक्रम संवत 2068 आप सभी के लिए शुभ और  मंगलकारी हो---

इस बार नव वर्ष (विक्रम संवत-2068)सोमवार, 04 अप्रेल 2011 से आरंभ हो रहा हे..चेत्र शुक्ल प्रतिप्रदा सोमवार को हे / गुडी पडवा ...इस वर्ष का राजा चन्द्र  बनेगा और मंत्री गुरु रहेगा...

मेष संक्रांति गुरुवार  - 14 को हे, क्रोधी नाम का यह संवत राजनेतिक टकराव, प्राकृतिक आपदा और प्रकोप में बढ़ोतरी करेगा..इस संवत का वाहन मृग और रोहिणी का वास समुद्र  में रहेगा,  समय का वास माली के घर रहेगा इसके कारण  फसल की उपज अच्छी / अनुकूल होगी...समुद्र का वास ओए मेघेश बुध होने के कारण वर्षा  समय पर और पर्याप्त होने की संभावना हे....आश्विन नामक वर्ष होने से इस वर्ष अनुकूलता रह सकती हे...

8 मई 2011 को मंत्री वृहस्पति अपनी राशी मीन को छोड़कर मेष राशी में प्रवेश करेंगे..., मेष राशी में पहले से ही मंगल,शुक्र और बुध बेठे हे,..इन सभी का शनि के साथ षडाष्टक योग बन जायेगा, इस कारण महंगाई और बढ़ेगी तथा वातावरण तनावपूर्ण हो सकता हे...

6 जून को रहू , वृश्चिक राशी में और केतु वर्ष राशी में आ जायेंगे.. इस दोरान राजनेतिक उठापटक होने की संभावना हे....मंगल-राहू का द्रष्टि  सम्बन्ध रक्तपात की सम्भावना बढ़ता हे...सभी जगह अशांति में वृद्धि / द्रष्टि दिखाई दे सकती हे...१५-१६ जून की रात्रि में होने वाला चन्द्र -ग्रहण --मूल और ज्येष्ठा नक्षत्र पर लग रहा हे... // साथ ही इसका प्रभाव वृश्चिक और धनु राशी में भी होगा ...यह ग्रहण भारत के लिए ठीक नहीं हे..../ अनुकूल नहीं रहेगा....

25 जुलाई से  09 सितम्बर तक मंगल -शनि का , चतुर्थ-दशम द्रष्टि सम्बन्ध  और श्रावण मास में   पांच(5) शनिवार --का यह खप्पर योग अनेक प्रकार की आपदाओ को जन्म देगा---बढ़  / भरी वर्षा/  जन-मॉल की हनी होने के साथ -साथ किसी जाने माने प्रतिष्ठित व्यक्ति का वियोग भी संभव हे...

15  नवम्बर से शनि अपनी उच्च राशी -तुला में आ जायेंगे... सूर्य का शनि से मात्र कन्धा ही टकराएगा...इस कारण बहुत बड़ी/ भरी हनी/ नुकसान की संभंव हे..इस समय सीमा पर तनाव बढेगा और उग्रवाद  में वृद्धि होने की भी संभावना हे...१० दिसंबर को होने वाला चन्द्र ग्रहण जनता की परेशानी बढ़ाएगा.....

जनवरी माह में पांच मंगलवार प्राकृतिक आपदा/ प्रकोप, सत्ता परिवर्तन और वायुयान दुर्घटना के संकेत देते हे..शशक डालो में टकराव तथा मतभेद बढेगा...आम जनता की परेशानी बढ़ेगी....


फरवरी और मार्च माह भी बहुत अच्छे नहीं रहेंगे...महंगाई  और बढ़ेगी.... वस्तुओं का कृत्रिम  आभाव रहेगा...  
 कुल मिला कर सीमा विवाद, राजा -प्रजा में विद्रोह, महंगाई और दुष्टजनो का प्रकोप बढेगा,...वर्षा सामान्य होगी ....कही-कहीं जन-धन की हनी और प्राकृतिक प्रकोप का सामना करना पद सकता हे...

ईश्वर से प्राथना की आप सभी को यह नव वर्ष-( संवत-२०६८) शुभ फल प्रदान करें...
नव संवत्सर शुभ और मंगलमय हो ऐसी  कामना करता हु..
""इति शुभम भवतु""

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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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