-खूबसूरत है वो लब जिन पर दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए,
-खूबसूरत है वो मुस्कान जो दूसरों की खुशी देख कर खिल जाए,
-खूबसूरत है वो दिल जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए,
-खूबसूरत है वो जज़बात जो दूसरो की भावनाओं को समज जाए,
-खूबसूरत है वो एहसास जिस मे प्यार की मिठास हो जाए,
-खूबसूरत है वो बातें जिनमे शामिल हों दोस्ती और प्यार की किस्से, कहानियाँ,
-खूबसूरत है वो आँखे जिनमे किसी के खूबसूरत ख्वाब समा जाए,
-खूबसूरत है वो हाथ जो किसी के लिए मुश्किल के वक्त सहारा बन जाए,
-खूबसूरत है वो सोच जिस मैं किसी कि सारी ख़ुशी झुप जाए,
-खूबसूरत है वो दामन जो दुनिया से किसी के गमो को छुपा जाए,
-खूबसूरत है वो किसी के आँखों के आसूँ जो किसी के ग़म मे बह
जाए,
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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