अंगूठे से जानिए भविष्य ----
एस्ट्रोलॉजी या पॉमेस्ट्री में जहाँ रेखाओं का महत्व होता है, वहीं अँगूठे का भी अपना अलग महत्व होता है। अँगूठे से उस व्यक्ति के नेचर और क्वॉलिटी के बारे में जाना जा सकता है। इसका सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है। अँगूठे को देखकर व्यक्ति के विचारों को भी जाना जा सकता है। 

एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि चारों अँगुलियाँ कट भी जाएँ तो इतना नुकसान नहीं होता, जितना अकेला अँगूठा कट जाने पर। कभी-कभी अधिक रक्त स्त्राव के कारण मौत भी हो सकती है या पागल भी हो सकता है। 

लम्बे अँगूठे वाले व्यक्ति प्रोग्रेसिव विचारों वाले होते हैं। इसके विपरीत छोटे अँगूठे वाला व्यक्ति अविकसित पर्सनेलिटी का परिचायक होता है। लम्बे अँगूठे वाले व्यक्ति प्रैक्टिकल अप्रोच वाले आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं। ये लोग निर्णय इमोशनल न होकर अपनी विवेकशीलता के साथ करते हैं। लम्बे अँगूठे के साथ लम्बी अँगुलियाँ फैली हुई हो तो वह व्यक्ति मैथ्स सबजेक्ट में पारंगत होता है। ऐसे लोग इंजीनियर या शिल्पी भी हो सकते हैं।

जिनके अँगूठे छोटे होते हैं, उनकी भावनाएँ और प्रतिक्रियाएँ आप आसानी से जान सकते हैं। ऐसे व्यक्ति अधिकतर आर्टिस्टिक होते हैं। अत्यन्त छोटा अँगूठा ठिगने व्यक्ति को छोड़कर हो तो वह अच्छे वक्ता के लक्षण उत्पन्न कर देता है। ऐसे व्यक्ति अपराधी प्रवृत्ति के भी हो सकते हैं। 

अपनी सामान्य स्थिति से अधिक ऊपर जुड़े हुए अँगूठे व्यक्तियों के अज्ञान और मूर्खता की निशानी होते हैं। यदि अँगूठा कलाई के पास से शुभ हो तो व्यक्ति में मानवीय गुण अधिक पाए जाते हैं। तर्जनी और अँगूठे में जितनी दूरी होती है व्यक्ति उतना ही अधिक विशाल ह्रदय और गुणों से भरपूर होता है। 

लचीला और पीछे की तरफ सहज मुड़ने वाला हो तो ऐसा व्यक्ति अपने आपको ढालने में प्रवीण होता है। इन लोगों में सामाजिक आवश्यकताओं को समझने की शक्ति होती है। यदि किसी का अँगूठा सख्त हो तो उस व्यक्ति के लक्षण ठीक लचीले अँगूठे वाले के विपरीत होते हैं। 

ऐसे व्यक्ति की इच्छा शक्ति दृढ़ होती है, लेकिन संदेहशील होने के कारण मित्र नहीं बना पाते, यदि हो तो जल्दी मित्रता खत्म कर लेते हैं। ऐसे लोग आर्थिक मामलों में सफल होते हैं।

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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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