मूलांक से जानिए अपने लकी ईयर--कब चमकेगा भाग्य का सितारा--- भारती पंडित----


कई बार जन्म कुण्डली न होने या जन्म समय, स्थान आदि की सही जानकारी न होने से कई आवश्यक बातों का पता नहीं चलता। ऐसे में मूलांक यानि अंक ज्योतिष सही आधार हो सकता है जिसके द्वारा आप कई समस्याओं का समाधान जान सकते हैं।


मूलांक के आधार पर आप अपने भाग्योदय के वर्ष भी जान सकते हैं। इन वर्षों के बारे में यदि आपको पता हो तो उनकी पहले से तैयारी की जा सकती है और समय आने पर अवसर को कैश किया जा सकता है।


मूलांक 1 वालों का भाग्यशाली वर्ष 22 वाँ वर्ष होता है। इस वर्ष से इन्हें सफलता मिलनी प्रारंभ हो जाती है।
मूलांक 2 वालों के लिए 24 वाँ वर्ष विशेष फलकारक होता है।
मूलांक 3 वालों के लिए 32 वाँ वर्ष अति फलदायी होता है।
मूलांक 4 के लिए 36 और 42 वें वर्ष अति शुभ होते है व अटूट धन संपत्ति कारक होते हैं।
मूलांक 5 के लिए 32 वाँ वर्ष बहुत अच्छा होता है। सफलता के द्वार खुलते जाते हैं।
मूलांक 6 के लिए 25 वाँ वर्ष शुभता लेकर आता है। हर कार्य में सफलता कदम छूती है।
लांक 7 के लिए 38 व 44 व वर्ष शुभ होता है। प्रारम्भ के संघर्ष के बाद खूब सफलता मिलती है।
मूलांक 8 के लिए 36 व 42 वें वर्ष अति शुभ होते हैं। इन्हें पहले खूब मेहनत करनी पड़ती है, फिर लाभ मिलता है।
मूलांक 9 के लिए 28 वाँ वर्ष बहुत शुभ होता है और खूब यश-धन दिलाता है।


विशेष : भाग्योदय का वर्ष जानने के बाद अपने मूलांक से मिलाती-जुलती फील्ड चुननी चाहिए और खूब मेहनत करनी चाहिए ताकि अवसर आने पर आप उसका उपयोग कर सके और धन-यश का मजा लूट सकें।


भाग्यशाली वर्ष में तो भाग्य वृद्धि होती ही है, फिर इनके गुणक वर्षों में भी सफलता मिलती जाती है। जैसे मूलांक 1 को 22 वें वर्ष के अलावा 33, 44, 55, 66 वें वर्ष में भी विशेष सफलता मिलती है। इसी तरह अन्य मूलांक के गुणक वर्ष निकाले जा सकते हैं।

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मूलांक और भाग्यांक हमारी लाइफ में बड़ा महत्व रखते हैं। कई बार हमें जन्म का समय या स्थान मालूम नहीं होता। ऐसे में कुंडली बना पाना कठिन हो जाता है। मूलांक उन लोगों के लिए एक सटीक आधार है। अपने बारे में जानने का और भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अनुमान लगाने का अंक ज्योतिष एक सरल माध्यम हो सकता है।

मूलांक का अर्थ है आपके जन्म की तारीख। यानि यदि आपका जन्म 2 मार्च को हुआ है तो आपका मूलांक 2 होगा। मूलांक हमारे स्वभाव, प्रकृति, गुण,दोष आदि के बारे बताता है। हमारे लिए जीवन में क्या उपयोगी है और क्या अनुपयोगी, यह मूलांक से ही जाना जाता है। यह आपके मित्र और शत्रुओं के बारे में भी बताता है।

आपके करियर, जीवनसाथी, कार्यक्षेत्र और भाग्योदय की भी जानकारी देता है। मूलांक 1 से 9 तक माने जाते हैं। जिन लोगों का जन्म 9 से अधिक संख्या वाली तारीख को हुआ है वे अपने जन्मदिनांक को आपस में जोड़कर मूलांक पा सकते हैं। जैसे जिनका जन्म 11 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 2 होगा। (1+1=2)। इसी तरह अन्य मूलांक आपस में जोड़कर निकाले जा सकते हैं।

भाग्यांक :- 

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भाग्यांक की गणना थोड़ी विस्तृत होती है। यह वह अंक होता है जो आपके जीवन में बार-बार किसी न किसी तरह आता ही है और आपको अच्छे या बुरे रूप में प्रभावित करता है।

भाग्यांक का उपयोग महत्वपूर्ण घटनाओं का समय या तिथि जानने के लिए किया जाता है। आजकल जो नाम का अक्षर बदलने का चलन चल रहा है, वह भी भाग्यांक के ही आधार पर किया जाता है।

भाग्यांक निकलने के लिए जन्म तारीख, माह और सन लिखा जाता है और फिर उनका योग किया जाता है। जैसे यदि आपकी जन्म तारीख, माह व सन 2-3-1970 है तो आपका भाग्यांक 2+3+1+9+7+0 =22 = 2+2 = 4 होगा। यानि इस पूरी डीटेल्स के लिए भाग्यांक 4 होगा। विवाह, काम करने की जगह, भाग्यशाली शहर, लकी अंक आदि के बारे में भाग्यांक के द्वारा ही जाना जाता है।
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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