इस विधि से जान सकतें है किस दिन होगी 'मौत'!???


मृत्यु एक अटल सत्य है, जिसने जन्म लिया है उसे एक दिन जरूर मृत्यु प्राप्त होगी। गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है जिसने जन्म लिया है उसे एक दिन अवश्य ही यह नश्वर शरीर छोड़कर जाना होता है। 
यह शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है। जिस प्रकार हम कपड़े बदलते हैं ठीक उसी प्रकार आत्मा अलग-अलग शरीर धारण करती है। आत्मा कब और किस समय शरीर छोड़ेगी, यह एक ऐसा रहस्य है जिसे सभी जानना चाहते हैं।
वैसे तो मृत्यु के संबंध में किसी भी प्रकार की भविष्यवाणी कर पाना काफी मुश्किल है लेकिन ज्योतिष में मृत्यु का समय मालुम करने के लिए कई प्रकार की विधियां बताई गई हैं। 
सभी ज्योतिषियों और विद्वानों ने अपने-अपने अनुभव के आधार पर इन विधियों का महत्व बताया है। ज्योतिष में लाल किताब के अनुसार मृत्यु का दिन मालुम करने के संबंध में एक विधि के अनुसार चंद्र की स्थिति पर विचार किया जाता है। कुंडली में चंद्र किस भाव में स्थित है, यह देखकर मृत्यु का वार मालुम किया जा सकता है।
चंद्र की स्थिति से जानिए मृत्यु का वार
चंद्रमा किस भाव में है - भाव का स्वामी- मृत्यु का वार
भाव1- मंगल- बुधवार
भाव 2- शुक्र- शुक्रवार
भाव3- बुध- बुधवार
भाव4- चंद्र- शुक्रवार
भाव5- केतु, बुध- मंगलवार
भाव6- शुक्र- रविवार
भाव7- मंगल- सोमवार
भाव8- गुरु- बुधवार
भाव9- गुरु- गुरुवार
भाव10- शनि- मंगलवार
भाव11- शनि- शनिवार

भाव12- राहु, गुरु- गुरुवार

इसके अतिरिक्त कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति का भी अध्ययन किया जाना आवश्यक है। दूसरे ग्रहों के प्रभाव से मृत्यु का वार बदल भी सकता है।


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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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