ज्योतिर्विदो के अनुभव के आधार पर रत्नों के धारण करने के सम्बन्ध में कुछ रेडीमेड फोर्म्युला ----

१)शीघ्र विवाह हेतु -: स्त्री हो तो लाल मूंगा और पिला पुखराज धारण करे ,पुरुष हो तो मोती और श्वेत पुखराज .
२) नोकरी में पदोन्नति-: हरा पन्ना ,पिला पुखराज तथा लाजव्रत
३)दुर्घटना ,हत्या प्रयास ,अकाल मृत्यु ,गंभीर सर्जरी ,आदि से बचाव हेतु -: लाल मूंगा ,पिला पुखराज
रोग निवारण हेतु
१)ब्लड केंसर -:लाल मूंगा, पिला पुखराज ,वैदूर्य
२)ह्रदय रोग -:माणिक्य ,मोती
३)स्वास रोग -:लाल मूंगा, हरा पन्ना
४)पीठ जोड़ो का दर्द -:लाल मूंगा
५)उन्माद -:हरा पन्ना ,मोती ,हल्का पिला पुखराज
६)अनिंद्रा -:मोती ,हरा पन्ना
७)हर्निया -:लाल मूंगा
८)गठिया रोग -:लाल मूंगा ,लाजव्रत
९) मासिकधर्म की गड़बड़ी -:श्वेत मोती ,लाल मूंगा
विशेष
लग्नेश का रत्न धारण करने से लग्नेश बलि होकर रोग दूर करता हे
मारकेश गृह से सम्बंधित रत्न धारण नही किये जाते 
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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