बार-बार खांसी और जुकाम हो तो यह उपाय करें----


कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बार-बार खांसी या जुकाम होता रहता है। ईलाज करवाने के बाद यह रोग दोबारा हो जाते हैं और रोगी ईलाज करवा-करवा कर थक जाता है। खांसी-जुकाम हैं तो मामूली रोग लेकिन जब लंबे समय तक ठीक नहीं होते तो कोई बड़ी बीमारी पैदा कर सकते हैं। 


तंत्र शास्त्र के अनुसार खांसी और जुकाम उस व्यक्ति को अधिक होता है जिसकी कुंडली में चंद्रमा अशुभ स्थिति में होता है। जिस व्यक्ति को बार-बार खांसी व जुकाम हो उसे यह तंत्र उपाय करना चाहिए।


उपाय-----


- चंद्रमा की होरा या नक्षत्र (रोहिणी) में किसी भी सोमवार के दिन बार-बार आईने में मुंह देखने से खांसी में बहुत लाभ होता है।


- सोमवार के दिन चंद्रमा की होरा या नक्षत्र (रोहिणी) में नदी में चांदी का टुकड़ा प्रवाहित करने से सर्दी-जुकाम में जल्दी आराम मिलता है।


- यदि फेफड़ों से संबंधित कोई बीमारी हो तो केसर की स्याही व तुलसी की कलम द्वारा भोजपत्र पर चंद्र यंत्र का निर्माण कर गले में धारण करने से लाभ मिलता है।


- श्वास संबंधी बीमारी हो तो शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से लगातार तीन सोमवार तक एक सफेद रूमाल में मिश्री व चांदी का एक चौकोर टुकड़ा बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें।


- चावल के आटे का दीपक कपूर मिश्रित घी के साथ भगवान शिव को लगाने से भी सर्दी-खांसी व श्वास संबंधी रोग ठीक हो जाते हैं।


तंत्र शास्त्र के अंतर्गत अनेक समस्याओं का समाधान निहित है। यह साधारण तंत्र उपाय जल्दी ही शुभ परिणाम देते हैं। 
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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