शनि देव(गृह) का राशी,गोचर और ढैया   परिवर्तन---

आज 15 नवंबर 2011, मंगलवार हे और आज ही शनि ग्रह पूर्वाह्न 10 बजकर 11 मिनट पर चित्रा नक्षत्र के तीसरे चरण और तुला राशि में प्रवेश करेगा।
इसके तत्काल बाद सिंह राशि को साढ़ेसाती समाप्त होगी। कन्या राशि को शनि की अन्तिम ढैया रहेगी। तुला राशि सहित वृश्चिक राशि को भी साढ़ेसाती का प्रभाव जारी रहेगा।शनि देव अपनी उच्चा राशी में तो आ रहे है साथ हे मेष राशी को सप्तम दृष्टी से पूर्ण रूप से देख भी रहे है , सूर्य पुत्र शनिदेव के आने से झूठे और बेईमान राजनीतिज्ञ सावधान हो जाये क्यों की शनि अपने स्वरूप और गुण के आधार पर फल देगे, शनि देव हर प्राणी के साथ न्याय करते है , भारत में राजनीती करने वाले इतने घोटाले कर लिए है की इनको दंड तो मिलेगा ही चाहे वो किसी भी पार्टी का हो , भरी उथल-पुथल होगी राजनीती में राजा से रंक और रंक से राजा होने का समय आ गया है ,भारत की राजनीती में दिखेगा भरी उतार-चढाव , पिली धातु का मिला जुला असर , 
शनि के नक्षत्र हैं--पुष्य,अनुराधा,औरउत्तराभाद्रपद. शनि दो राशियों मकर,और कुम्भ के स्वामी है.शनि की तीसरी,सातवीं,और दसवीं दृष्टी  मानी जाती है. 
शनि देव - सूर्य,चन्द्र,मंगल को शत्रु, बुध और शुक्र को मित्र तथा गुरु ( बृहस्पति) को सम मानते है, शनि महान दृढ शक्ति के स्वामी औरअधिकारी है ,कुंडली में शनि जिस भाव में है और जहाँ पर उनकी दृष्टी जाएगी उस भावो के अनुसार फल प्राप्त होंगे ,कुंडली में शनि यदि चौथे,छठे,आठवें,बारहवें भाव मे किसी नीच या शत्रु राशि में बैठा हो,तो निश्चित ही आर्थिक,मानसिक,भौतिक पीडायें अपनी महादशा,अन्तर्दशा,में देगा,इसमे कोई सन्देह नही है,
कैसे करे शनि देव को प्रसन्न :-
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम: , इस मंत्र का शनिवार के दिन 23000 जाप करे या नित्य 108 पाठ करने से लाभ प्राप्त होगा.
शनि का ध्यान करे :-ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्‌।, छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌।
शनि गायत्री का रोज 11 बार पाठ करे :-औम कृष्णांगाय विद्य्महे रविपुत्राय धीमहि तन्न: सौरि: प्रचोदयात.
शनिवार के दिन पीपल वृक्ष की जड़ पर तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
शनिवार को काले घोड़े की नाल की अंगूठी मध्यमा अंगुली में पहने 
मंगल और शनि के दिन मांस , मदिरा, बीडी- सिगरेट नशीला पदार्थ आदि का सेवन न करे ,
पीपल को जल दे अगर ज्यादा ही शनि परेशां करे तो शनिवार के दिन शमसान घाट या नदी के किनारे पीपल का पेड़ लगाये ,
रत्न या उपरत्न धारण करना - जिनकी कुंडली में शनि शुभ हो वे जातक शनि के रत्ना जैसे - नीलम,,जामुनिया,नीला कटेला,आदि शनिवार को धारण करे . 
शनि से सम्बंधित दान - जिस जातक की कुंडली में शनि ख़राब है वे काले उडद, चने,काले कपडे,चमड़े के काले जूते,तिल, लोहा,तेल,नीलम आदि दान करे .
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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