आपके घर की खुशियां ..वास्तु हे इनका कारण---
यदि आपको लगता है कि आपसे कोई ईर्ष्या करता है। आपके कई दुश्मन हो गए हैं। हमेशा असुरक्षा व भय के माहौल में जी रहे हैं...तो ध्यान दीजिये ---मकान की दक्षिण दिशा में अगर कोई जल का स्थान हो, तो उसे वहां से हटा दें। 

इसके साथ ही एक लाल रंग की मोमबत्ती आग्नेय कोण में तथा एक लाल व पीली मोमबत्ती दक्षिण दिशा में नित्य प्रति जलाना शुरू कर दें। 
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यदि आपके घर में जवान बेटी है तथा उसकी शादी नहीं हो पा रही है, तो निम्न  उपाय करें--कन्या के पलंग पर पीले रंग की चादर बिछाएं और उस पलंग पर कन्या को सोने के लिए कहें। 
इसके साथ ही बेडरूम की दीवारों पर हल्का रंग करें। ध्यान रहे कि कन्या का शयन कक्ष वायव्य कोण में स्थित होना चाहिए। 
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यदि आपके घर में आपका बेटा या बेटी पढ़ने-लिखने में कमजोर है तो उसे सलाह दें कि वह ईशान कोण की ओर मुख करके अध्ययन करें। 
पढ़ने के लिए बैठने से पूर्व वह कक्ष में दक्षिण दिशा में एक मोमबत्ती जलाएं, जो लाल रंग की हो। 
रोजाना स्टडी रूम में ऐसा प्रयोग करने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है। 
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यदि आपके घर में तनाव रहता है तथा आप हर समय किसी न किसी प्रकार की चिंता में घुले रहते हैं तो मानसिक शांति के लिए ड्राइंग रूम में हल्के नीले रंग के सोफासेट का प्रयोग करें। दीवारों पर भी हल्के रंग की शेड करवाएं। फर्क पड़ेगा।
मकान में स्टोर रूम अथवा भंडार गृह उत्तर, उत्तर व ईशान कोण के मध्य, पूर्व व आग्नेय कोण के मध्य या दक्षिण व आग्नेय कोण के मध्य बनवाने से गृह स्वामी सदा सुखी व बलशाली रहता है। परिवार खुशहाल तथा घर में किसी तरह का कोई कष्ट नहीं होता। मकान में आंगन निकलवाने का तात्पर्य गृह स्वामी तथा उनके परिवार की आरोग्य रक्षा से है जो कि सूर्य प्रकाश से है, खुली हवा से है। 

जिस घर में प्राकृतिक हवा व सूर्य प्रकाश बेरोक-टोक पहुंच सके उस घर के प्राणी बहुत कम बीमार होते हैं। वे हमेशा सुखी व प्रसन्नचित रहते हैं। यदि घर में बैठक-कक्ष में खाने-पीने का उपयोग भी करना हो, तो डॉयनिंग टेबल बैठक-कक्ष के दक्षिण-पूर्व में रखें। अलग डायनिंग कक्ष पूर्व या पश्चिम दिशा में बनाना शुभ होता है। 

मकान में मुख्य द्वार एक ही होता है। मुख्य द्वार में मांगलिक चिन्ह जैसे स्वास्तिक या कलश या क्रॉस बनवाएं। मकान में रसोईघर आग्नेय कोण में बनवाएं। यह अत्यंत शुभ व सर्वाधिक श्रेष्ठ तथा उत्तम है। डायनिंग हॉल मकान में पूर्व या पश्चिम दिशा में बनवाएं। कुछ लोग ईशान कोण में बनवाते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से यह शुभ नहीं है।
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हाथी का जोड़ा रखें घर में, होगा सब अच्छा ही अच्छा...---

किसी भी घर में सुख और शांति बनी रहे इसके लिए जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और अच्छा सामंजस्य हो। इसके लिए जरूरी है कि परिवार के लोगों के विचार सकारात्मक हो। नकारात्मक विचार होने पर अन्य लोगों से वाद-विवाद की स्थिति अवश्य ही निर्मित होती है। इससे बचने के लिए वास्तु में कई खास टिप्स दी गई हैं।

वास्तु शास्त्र सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के सिद्धांतों पर कार्य करता है। जैसा घर का वातावरण होता है ठीक वैसे विचार वहां रहने वाले लोगों के हो जाते हैं। इसके साथ ही यदि घर में वस्तुएं गलत दिशा या स्थान पर रखी हुई हैं तब भी यह अशुभ माना जाता है। वास्तु में सभी वस्तुओं के अलग-अलग स्थान और दिशाएं निर्धारित की गई हैं जहां से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सदैव बना रहता है। यदि किसी घर में कोई वास्तु दोष हो तो वास्तु शास्त्र के अनुसार बताए गए आयटम्स रखने पर यह वे दोष दूर हो जाते हैं। हाथी का जोड़ा संतान इच्छुक दम्पति के कमरे में रखना बहुत शुभ माना जाता है। इसे मुख्य द्वार के पास लगाना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। हाथी के जोड़े के प्रभाव से पति-पत्नी के बीच आपसी प्यार भी बढ़ता है।


घर में रखी ऐसी लकडिय़ों से बढ़ती है परिवार की आय---

सभी के घरों में लकड़ी के सामान अवश्य ही होते हैं। वास्तु के अनुसार कुछ पेड़ों की लकडिय़ां घर में बरकत बढ़ाती है और सदस्यों की आय में फायदा होता है। घर की साज-सज्जा बाहरी हो या अंदर की वह हमारी बुद्धि, मन और शरीर के साथ-साथ घर की सुख-शांति को भी प्रभावित करती है। घर में यदि वस्तुएं वास्तु अनुसार सुसज्जित न हो तो वास्तु और ग्रहों की विषमता के कारण घर में क्लेश, अशांति का जन्म होता है। घर के बाहर की साज-सज्जा बाहरी लोगों को एवं आंतरिक श्रृंगार हमारे अंत: करण को सौंदर्य प्रदान करता है। जिससे सुख-शांति और सौम्यता प्राप्त होती है। घर की सुंदरता बढ़ाने में फर्नीचर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इन्हीं फर्नीचर्स की लकडिय़ों वास्तु अनुसार सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव घर में फैलाती है।

घर में फर्नीचर बनवाने के लिए बहेड़ा, पीपल, वटवृक्ष, पाकर, कैथ, करंज, गुलर आदि लकडिय़ों का प्रयोग न करें। ऐसा करने पर सुख का नाश होता है। पलंग के सिराहने पर अशुभ आकृति न हो इसका ध्यान रखें जैसे सिंह, गिद्द, बाज या अन्य हिंसक पशु ऐसा होने पर वह मानसिक विकार उत्पन्न करती है। जो कलह का कारण होता है।

फर्नीचर में शीशम, महुआ, अर्जून, बबूल, खैर, नागकेशर वृक्ष की लकड़ी काम में ले सकते हैं। इन लकडिय़ों का फर्नीचर घर का वातावरण शांत और समृद्धि बढ़ाने वाला बना रहता है। इन लकडिय़ों से घर में रहने वाले सभी सदस्यों की आय में फायदा होता है।

किसी के भी घर में इसी दरवाजे से जाना चाहिए...---

किसी भी परिवार की खुशियां और सुख काफी हद तक घर की वस्तुओं की स्थिति पर निर्भर करता है। वास्तु के अनुसार घर में रखी हर चीज का अपना अलग प्रभाव होता है। साथ ही घर के कमरे और खिड़की दरवाजे आदि भी अच्छा-बुरा प्रभाव छोड़ते हैं।

घर का मुख्य दरवाजा सही स्थिति में हो तो परिवार के सभी सदस्यों को इसका फायदा मिलता है। सभी के कार्य समय पर पूर्ण होते हैं और पारिवारिक तालमेल बना रहता है। कुछ लोगों के घरों में मुख्य दरवाजे के अतिरिक्त अन्य दरवाजे भी होते हैं जहां से घर में प्रवेश किया जा सकता है। वास्तु के अनुसार ऐसे दरवाजों से किसी व्यक्ति के घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए। घर में प्रवेश हमेशा मुख्य दरवाजे से ही किया जाना चाहिए। ऐसा होने पर सकारात्मक विचारों का संचार होता है और हमारे बुरे विचार दूर हो जाते हैं।

शास्त्रों के अनुसार सबके घर में प्रवेश का द्वार होता है। अपने या अन्य किसी के घर में प्रवेश सदा प्रवेश द्वार से ही करना चाहिए अन्य किसी जगह से प्रवेश करने से गौत्र का नाश होता है। संतान की वृद्धि उस घर में नहीं होती तथा सदा परेशानी बनी रहती है।

घर के बाहर कोयले से बनाए स्वस्तिक, आपके परिवार को होगा फायदा---

किसी भी व्यक्ति के जीवन में बुरा समय कब शुरू हो जाए, इसका पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। कोई भी नहीं चाहता कि उनके जीवन में कभी भी बुरा समय आए, इसी वजह से कई प्रकार के प्रयत्न किए जाते हैं। कई बार हमारे सुख, हमारी खुशियों, हमारे परिवार, हमारे घर को किसी की बुरी नजर लग जाती है। जिससे कुछ न कुछ बुरा अवश्य ही होता है।


लोगों की बुरी नजर से बचने के लिए ज्योतिष में कई प्रकार के उपाय बताए गए हैं। इन्हें अपनाने से कुदृष्टि के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है। अपने घर, परिवार के सदस्यों और व्यापार को अन्य लोगों की बुरी नजर से बचाने के लिए घर के बाहर कोयले से स्वस्तिक बनाए। इस काले स्वस्तिक के प्रभाव से हमारे घर को किसी की बुरी नजर प्रभावित नहीं कर सकेगी। स्वस्तिक की पवित्रता और प्रभाव से सभी भलीभांति परिचित हैं। यह श्रीगणेश का प्रतीक चिन्ह हैं। सामान्यत: घरों के बाहर लाल रंग के स्वस्तिक बनाए जाते हैं जिनसे घर में सुख, शांति, समृद्धि बनी रहती है। काला स्वस्तिक बनाने से बुरी नजर से आने वाले बुरे समय को भी रोका जा सकता है।

ये सात चीजें रखें घर में, हो जाएगा सब पॉजीटिव---

घर में रखी वस्तुओं से ही हमारी सोच पॉजीटिव या नेगेटिव बनती है। गलत दिशा या गलत स्थान में रखी वस्तुओं से घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है। वास्तु नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा के सिद्धांतों पर कार्य करता है। इसी वजह से घर के वास्तु दोष को दूर करना चाहिए जिससे परिवार के सभी सदस्यों को सकारात्मक विचार और वातावरण प्राप्त हो सके।

आजकल अधिकांश लोग घर बनवाते समय वास्तु का विशेष ध्यान रखते हैं लेकिन कम ही लोग ऐसे हैं जो घर की सजावट में वास्तु या फेंगशुई का ध्यान रखते हैं। यदि घर की सजावट इन सात फेंगशुई आइटम्स से की जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है।

ये सात चीजें इस प्रकार है- मछलियां, दर्पण, क्रिस्टल, घंटी, बांसुरी, कछुआ, सिक्के, लाफिंग बुद्धा आदि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने का कार्य करते हैं। इन्हें वास्तु अनुसार सही स्थानों पर रखने से जहां परिवार के सभी सदस्यों के विचार सकारात्मक बनते हैं वहीं दूसरी ओर पैसों से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इन सात चीजों को घर में किस स्थान पर रखना चाहिए इस संबंध में जीवनमंत्र के वास्तु सेगमेंट लेख खोजे जा सकते हैं।

सुबह-सुबह करें ये काम, दिन हो जाएगा अच्छा--

ऐसा माना जाता है जैसी हमारी सुबह होती है ठीक वैसा ही व्यतीत होता है हमारा दिन। इसी वजह से सुबह उठने के बाद प्रसन्न रहने की सलाह दी जाती है। वास्तु और शास्त्रों के अनुसार कई ऐसी टिप्स दी गई हैं जिनसे हमारी सुबह महक जाती है और मन प्रसन्न होता है।
सुबह को महकान के लिए एक कांच की कटोरी में साफ पानी भरें। पानी में ताजे गुलाब की पंखुडिय़ां डाल दें। इसे स्थान पर रखें जहां से इन गुलाब की पंखुडिय़ों की खुश्बू पूरे घर में फैल सके। गुलाब की महक सभी का मन तुरंत ही मोह लेती है। ऐसे में उठने के बाद घर के वातावरण में गुलाब की महक हो तो निश्चित ही परिवार के सदस्यों का मन प्रसन्न होगा। सुबह की ऐसी शुरूआत से हमारा पूरा दिन खुशनुमा बना रहता है। सामान्य परिस्थितियों में मन हमेशा शांत ही रहेगा। ऐसे में सभी कार्य अच्छे से होंगे।

वास्तु के अनुसार यदि घर के मुख्य द्वार का मुख पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर हो तो दरवाजे के अंदर बाएं ओर जल पात्र को पानी और फूल की पंखुडिय़ों से भरकर रखें। इससे दिशा को सकारात्मक रुख देने में मदद मिलेगी। वैसे वास्तु के हिसाब से पूर्व दिशा पवित्र समझी जाती है।
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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