क्या आप जानते हें..???क्या कहता है आपका सपना???


सपने हमारे संगी हैं। रात हो या दिन, ये कभी-भी हमारा साथ नहीं छोडते।
नींद के दौरान भावनाओं, विचारों और इंद्रिय-ज्ञान का चित्र अचेतावस्था में हमारे मन-मस्तिष्क में बनता रहता है, जिसे हम स्वप्न कहते हैं। हालांकि आज भी वैज्ञानिक इसके बारे में ठीक-ठीक नहीं बता पाते हैं कि ये कैसे और क्यों बनते हैं? लेकिन भारतीय ग्रंथ, देशी-विदेशी चिंतक सपनों के बारे में बहुत कुछ कहते हैं।
इन्सान मे यह गुण है कि वह सपनों को सजाता रहता है या यूँ कहे कि भीतर उठने वाली हमारी भावनाएं ही सपनो का रूप धारण कर लेती हैं । इन उठती भावनाओं पर किसी का नियंत्रण नही होता । हम लाख चाहे,लेकिन जब भी कोई परिस्थिति या समस्या हमारे समक्ष खड़ी होती है,हमारे भीतर भावनाओं का जन्म होनें लगता है । ठीक उसी तरह जैसे कोई झीळ के ठहरे पानी में पत्थर फैंकता है तो पानी के गोल-गोल दायरे बननें लगते हैं । यह दायरे प्रत्येक इन्सान में उस के स्वाभावानुसार होते हैं । इन्हीं दायरों को पकड़ कर हम सभी सपने बुननें लगते हैं ।यह हमारी आखरी साँस तक ऐसे ही चलता रहता है ।
इसी लिए हम सभी सपने दॆखते हैं ।शायद ही ऐसा कोई इंसान हो जिसे रात को सोने के बाद सपनें ना आते होगें । जो लोग यह कहते हैं कि उन्हें सपनें नही आते, या तो वह झूठ बोल रहे होते हैं या फिर उन्हें सुबह उठने के बाद सपना भूल जाता होगा । हो सकता है उन की यादाश्त कमजोर हो । या फिर उनकी नीदं बहुत गहरी होती होगी । जैसे छोटे बच्चों की होती है । उन्हें आप सोते समय अकसर हँसता- रोता हुआ देखते रहे होगें , ऐसी गहरी नीदं मे सोनें वाले भी सपनों को भूल जाते हैं और दावा करते हैं कि उन्हें सपनें नही आते । लेकिन सपनों का दिखना एक स्वाभाविक घटना है । इस लिए यह सभी को आते हैं ।
निद्रा और स्वप्न का चोली-दामन का संबंध है। नींद के बिना सपने नहीं आते हैं। यह धारणा गलत है कि गहरी नींद में सपने नहीं आते हैं। गहरी नींद में भी सपने आते हैं, अलबत्ता कुछ लोगों को ऐसे सपने याद नहीं रहते। सपना सभी देखते हैं कुछ वर्ष पहले यह बात समाचार-पत्रों में आई कि पाश्चात्य शोध ने सिद्ध कर दिया है कि मनुष्य ही नहीं, पशु भी सपने देखते हैं। यह तथ्य हमारे चिंतकों ने सदियों पहले बताया था।

प्रश्नोपनिषद के पांचवें श्लोक में यह स्पष्ट है कि सभी प्राणी स्वप्न देखते हैं।

सर्वपश्यतिसर्व: पश्यति।

मान्यता है कि उपनिषदों का समय लगभग 6हजार वर्ष पहले का है।

दरअसल, मनुष्य या किसी भी प्राणी में शरीर, मन और आत्मा की प्रधानता होती है। मुख्य रूप से स्वप्न मन के विषय हैं। यही कारण है कि मनोविज्ञान विषय के अन्तर्गत उसका अध्ययन किया जाता है। उपनिषद कहते हैं

अत्रैषदेव: स्वप्नेमहिमानमनुभवति।

स्वप्न अक्सर सही होते हैं, कभी-कभी ही यह सच नहीं होता। स्वप्न संबंधी किंवदंतियां लोगों के अनुभवों पर आधारित होती हैं। इसलिए उन्हें अंधविश्वास कह कर गलत नहीं ठहराया जा सकता है। क्या है अर्थ? स्वप्न देखने के बाद हम उसका कुछ न कुछ अर्थ लगाते हैं। इसके आधार पर स्वप्नों के कुछ प्रकार हैं-निरर्थक, सार्थक, भविष्यसूचक,शुभफलदायी,अशुभफलदायी,दैवी, आवश्यकता-पूर्ति-कारक, आनंद देने वाला, भय दर्शाने वाला इत्यादि। निरर्थक स्वप्न ऐसे होते हैं, जो मन के भटकावसे उत्पन्न होते हैं। जागने पर प्राय: हम उसे भूल जाते हैं। जो स्वप्न हमें याद रहते हैं, वे सार्थक कहलाते हैं। ये स्वप्न शुभ फलदायी,अशुभ फलदायी या भविष्य सूचक भी हो सकते हैं।

दैवी स्वप्न अपवाद हैं। इनमें देवी-देवता हमारे स्वप्न में साक्षात प्रकट हो कर निर्देश देते हैं। छत्रपति शिवाजी की इष्ट देवी तुलजा भवानी थीं। स्थानीय लोग मानते हैं कि उन्होंने स्वप्न में प्रकट होकर शिवाजी से बीजापुरके सेनापति अफजल से युद्ध करने का आदेश दिया था। जनश्रुतियोंके अनुसार, स्वयं शिव और पार्वती तुलसीदास के स्वप्न में आए। उन दोनों ने उन्हें रामचरितमानस लोक भाषा में लिखने का आदेश दिया। गोस्वामी के शब्दों में -

सपनेहुंसाथिमोपर, जो हर गौरी पसाउ।
तेफुट होइजो कहहीं, सब भाषा मनितिप्रभाउ।

लोक-भाषा अवधि में लिखा गया रामचरितमानस और तुलसी दोनों अमर हो गए। भूख लगने पर आप सपने में रोटी खाते हैं। प्यास लगने पर पानी पीते हैं। ये आवश्यकता-पूर्ति-कारक स्वप्न हैं। ऐसे स्वप्न सामान्य कोटि के होते हैं। ये कम-से-कम आपकी निद्रा में बाधा नहीं डालते हैं। कुछ स्वप्नों में आप फूलों भरी वादियों में घूमते हैं या अन्य आकर्षक द्रव्य देखते हैं, तो इन्हें आनंददायक कोटि का स्वप्न कहा जा सकता है। कुछ स्वप्न में आप किसी भय से भागते रहते हैं, तो ये भयकारकहैं। अंग्रेजी में इन्हें नाइटमेयर्स कहते हैं।

हमारे शास्त्रों के अनुसार, इनको देखना शुभ फलदायक है। आकाश में उडना, नदी या समुद्र में तैरना, तारों या चंद्रमा का दर्शन, महल या पर्वत की चोटी पर आसीन होना हमारी उन्नति को बताता है। सफेद फूल, दर्पण, देवता, आभूषण से सुसज्जित स्त्री को देखना सुखकारक होता है।

यदि आप स्वप्न में स्वयं को मल में लिपटा हुआ पाते हैं या सांप ने आपको काट लिया है, तो इसका मतलब है कि आपको धन की प्राप्ति होगी। सपने में आपके सिर पर सांप काट ले, तो आप राजा तक बन सकते हैं।

अशुभ स्वप्न :यदि स्पप्नमें आपके दांत टूट जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आप बीमार पडने वाले हैं। खाई में गिरना पद-हानि, अथवा पतन का प्रतीक माना जाता है। भैंस दिखने का अर्थ है कि आपकी मृत्यु आपके नजदीक है। सिर के केशों का गिरना-भयानक बीमारी, सोने के गहने का टूटना पुत्र-हानि का सूचक है।


इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स----

पाश्चात्य चिंतकों ने भी सपनों का विश्लेषण किया है। इनमें फ्रॉयडका नाम उल्लेखनीय है। उनका इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्सबहुत लोकप्रिय हुआ। फ्रॉयडके अनुसार, हम अपनी नींद को तीन अवस्था में बांट सकते हैं-चेतन [कॉन्शस], अचेत [अनकॉन्शस], अ*र्द्धचेतन [सब कॉन्शस]।अ*र्द्धचेतन अवस्था में ही हम स्वप्न देखते हैं। उनके अनुसार, स्वप्न में हम सभी उन्हीं इच्छाओं को पूरी होते हुए देखते हैं, जिसे हम अपने मन में दबाए रखते हैं। यह इच्छा किसी लक्ष्य को पाने, यहां तक कि हमारी दमित काम भावना भी हो सकती है। फ्रॉयडका कहना था कि हमें उन स्वप्नों को सच मानने के बजाय उनका विश्लेषण करना चाहिए।

आइये जाने  कुछ रोचक जानकारियां स्वपन के बारे में-----

सपने अपरमपार होते है यह किसी सोच के तहत नही आते इन असीमित सपनो का भी एक विज्ञान होता है, एक कथन होता है। 
1. पीछा करने वाले सपने - इस सपने मे प्राय: ये होता है कि कोई आपका पीछा कर रहा है, इसमें कई बार कोई हमला करने वाला या कोई अज्ञात आपको मारने के लिए पीछा करता है। दरअसल सपने मे दिखाया गया हमलावर आपके भीतरी भावना को दिखाता है। अधिकतर यह आपके अंदर के क्रोध, ईर्ष्या, डर या प्यार हो सकता है। प्यार की भावना, प्यार में ठुकराया हुआ, महिलाओ के असुरक्षित होने के डर से भी इस तरह के सपने आते हैं। 
2. परीक्षा वाले सपने - कई बार पेपर पूरा न होने का सपना, पेपर मिलने पर कुछ भी न आना, परीक्षा में लेट हो जाना, पेन या पेन्सिल की नीप टूट जाना दिखाई देना हैं। इन सपनो का संबंध परीक्षा से सामान्यत: परीक्षा से नही होता बल्कि उस व्यक्ति को परीक्षा मे काफी अच्छे नम्बर आते हैं। ये सपने दर्शाते है कि आप कुछ चीजो पर चाह कर भी ध्यान नही दे पा रहे है या उन्हें अनदेखा कर रहे है। उन मुद्दो को निपटाना बहुत जरूरी है। आपके अंदर क्लानि है किसी प्रोजेक्ट डील को पूरा नही करने की। 
3. गिरने वाले सपने - कई बार सपनो मे उचांई से नीचे गिरते हुये दिखते है, कई बार जमीन से भी टकरा जाते हैं। यह सपना समान्यत: उस व्यक्ति के अंदर आक्रोश व कई बार सोच मे अस्थिरता दिखाता है कि जिन्दगी मे उस व्यक्ति का अपने उपर संयम नही हो पा रहा है। कई बार यह ओहदा कम होना, प्यार में असफल होना या किसी के द्वारा अपमानित किये जाने को भी दर्शाता हैं। 
4. उडने वाले सपने - बहुत बार आप आसमान में उडते हुये दिखाई देते है। नीचे दिखने वाले दृश्य बहुत खुबसूरत दिखते है और आप उसका आनन्द लेते है| कई बार यह सपना देखते हुवे आप अधनींदे भी हो जाते है परन्तु मजे भी लेते रहते हो। यह सपना दिखाता है कि आप कई परिस्थितियों में, प्रोजेक्ट में, विचारों मे, अपनी पकड़ बनाये रखने में सक्षम है। आपमें अतिरिक्त शक्ति बढ़ेगी आप लोगों से ऊंचे पद पर बैठने की क्षमता रखते है। यदि उडते वक्त रास्ते मे झाड, पहाड इत्यादि आपका रास्ता रोकते है तो यह दर्शाता है कि कोई व्यक्ति या आपकी कोई भावना आपके उत्थान मे बाधा है। कई बार यह रुकावट आपको आत्मविश्वास की कमी भी दर्शाता है। 
5. दांत का टूटना - कई बार सपनो मे आपके पूरे दांत टूट जाते है या एक-एक करके आपके पूरे दांत निकलने लगते है। कई बार सोते-सोते ऐसा लगता है कि आपके दांत सड़ गये और कुछ भी खाये तो सब गिर जायेगें। यह सपना अंकित करता है कि आप अपने शक्ल सूरत और बाहरी बनावट के प्रति बहुत सोचते हैं| आपको यह परेशानी रहती है की दूसरे आपके बारे क्या सोचते है? कई बार यह आपके किसी परिस्थिति विशेष में दूसरो द्वारा मजाक बनाये जाने का डर भी दर्शाता है। अगर दांत टूटना आपको सपने मे दिखता है तो यह आपके अंदर एक भावना उपजने पर भी होती है कि आपके अच्छे और बढ़िया विचार पर दूसरा कोई ध्यान नही देता। कई बार दांतो का सड़ना या एक दो दातों का टूटा हुआ दिखना किसी प्रियजन के बीमार होने को दर्शाता है। यदि आपके पूराने दांत टूटकर नये दांत आते दिखते है तो इसका अर्थ यह होता है आपको पैसा प्राप्त होने की संभावना प्रबल है। 
6. नग्न दिखने वाले सपने- यदि आप सपने मे नग्न दिखाई देते है, मुख्यत: यह सपना उन लोगों को आता है जो अधिक शर्मिले रहते है और जो आपने भीतर बहुत सी बाते छूपा कर रखते हैं उन्हें डर होता है कि कोई उनकी छिपी बातों को देख लेगा। कई बार सपने में आप कपड़े उतारते हुवे दिखते है। यह दर्शाता है कि कोई भावनात्मक रूप से आपके साथ छेड़छाड़ कर सकता है। कई बार यह नये रिश्ते की शुरूआत भी हो सकती है। कई बार आप अपने कक्षा या कार्य की जगह पर बिना कपड़े के दिखते है तो इसका अर्थ यह होता है कि कोई निर्णय जिसे आपको समय पर ठीक से ले लिया जाना चाहिये था. उसके बारे में आप निश्चिचंत नही है। नग्न सपनो की खास बात यह होती है कि उस सपने मे दूसरे लोग आपकी नग्नता पर बहुत ध्यान नही देते। इसका अर्थ यह होता है कि बहुत सी गलतियां आपके भीतर डर पैदा कर देती है पर यह दूसरे लोगों की जानकारी मे नही हैं। कई बार सपने की नग्नता मे आप बहुत खुश व नाचते गाते दिखाई देते है इसका अर्थ यह होता है कि आपकी ईमानदारी, खुलापन और बिंदास स्वभाव पर आपको भरोसा व गर्व हैं।
– सपने में वाहन देखने का अर्थ है कि आपके जीवन में कुछ नयी दिशायें आने को है और आप एक बेहतर कल की ओर बढ़ने वाले हैं.
परन्तु ध्यान रहे की अपने जिस वहां को देखा है वह अच्छी स्थिति में है, अन्यथा इसका विपरीत फल प्राप्त होगा.
– सपने में अपने आप को मरते हुए देखने का अर्थ है की जीवन में बाद बदलाव आने वाले हैं .
– सपने में सांप की बिल अथवा संकरी गली देखने का अर्थ है की जीवन में परेशनियाँ आने वाली हैं. अगर आप पाने किसी प्रियजन अथवा मित्र के मृत्योपरांत सांप देखते हैं तो इसका अर्थ है की उस व्यक्ति की आत्मा को शांति मिल गयी.
वैसे तो सांप को देखना अत्यंत कामुकता का सूचक है. इसी तरह यदि सांप किसी खजाने की रखवाली करता हुए दिखे तो आकस्मिक धन लाभ का योग बनता है.
–सपने में यदि अपने आप को माला जपते देखा तो समझे कि सारी चिंताओं से मुक्त होने का समय आ गया है.
–सपने में खिले हुए गुलाब के फूल देखने से मनोकामना पूर्ण होती है.
–यदि आपने सपने में हवं निर्माण होते हुए देखा तो आपको यह मान लेना चाहिए कि आपकी आर्थिक स्थिति में जबरदस्त उछाल आने को है
– स्वयं को पतंग उड़ाते देखने का अर्थ है,व्यापर में लाभ होना.
–सपने में यदि कोई व्यक्ति अपने शत्रु को मित्र बना ले तो उसे व्ययसाय में अप्रत्यासित सफलता मिलती है.
–यदि आप सप्नेमें किसी बड़ी इमारत का गुम्बद देखें तो समझे कि शीघ्र हि पद्दोनती होने वाली हैं.
–अगर खुद को किसी परेड अथवा सेना का नेतृत्व करते हुए देखते हैं तो समझें कि जल्द ही पद्दोनती होने वाली है.
–सपने में यदि आप स्वयं को उदाश, मलिन, रक्तहीन व पिला चेहरा लिए देखतें हैं तो समझना चाहिए कि अब गरीबी और बीमारी के पल आने को हैं.वहीँ खुद को रोता हुआ देखना अच्छा है. यदि चेहरा कला दिखाई दे तो जातक दीर्घजीवी होगा.
– सपने में किसी के मृत्यु पर खुद को रोता पाना उस व्यक्ति के दीर्घायु होने का सूचक है.
– सपने में यदि आपको अपनी योजनायें विफल होती दिखाई दें तो इसका फल उल्टा प्राप्त होता है. इसी प्रकार खुद को अपमानित होते हुए देखने का अर्थ है मान-सम्मान प्राप्त करना.
– सपने में रसभरे फल खाना अत्यंत शुभ माना गया है
– सपने में बच्चे को पालते हुए देखना भविष्य में परिवारी सुख को दर्शाता है .
– सपने में खिलौना देखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है.
– सपने में अगर आपको अपना हँसता हुआ चेहरा दिखाई दे तो हर्षोउल्लास की प्राप्ति होती है. परन्तु ठहाके लगा कर हँसना दुःख देने वाला होता है
– यदि सपने में कोई लड़की अपने आप को मूल्यवान भेंट या उपहार प्राप्त करते हुए देखे तो उसे पूर्ण दांपत्य सुख मिलेगा.
– यदि कोई लड़की सपने में स्वयं को मेले या नुमाईश में देखे तो उसे विनोदप्रिय व् दृढ सिन्धंतों वाला प्रेमी मिलेगा.
–यदि किसी को सपने में कढ़ाई किये हुए वस्त्र दिखाई दें तो यह मान लें की उसे समझदार और मितव्ययी पत्नी प्राप्त होगी.
- सपने में यदि कोई व्यक्ति स्वयं को तूफानी मौसम में नाव या जहाज पर बैठा हुआ देखे तो उसे दुभाग्य का सामना करना पड़ सकता है.
यदि वह यह देखता है की वह पानी में गिर गया, तो उसे व्यापर में भारी घाटा होने की सम्भावना है .

आपका हर सपना कुछ-न कुछ कहता है। कुछ सपने निराशा देते हैं, तो कुछ जीवन में खुशियों की लहर भर देते हैं। सपनों का संबंध आत्मा से होता है। 
जब व्यक्ति नींद में होता है, तब उसका शरीर आत्मा से अलग होता है, क्योंकि आत्मा कभी सोती नहीं। 
जब मानव निद्रावस्था में होता है तो उसकी पाँचों ज्ञानेंद्रियाँ उसका मन और उसकी पाँचों कर्मेंद्रियाँ अपनी-अपनी क्रियाएँ करनी बंद कर देती हैं और व्यक्ति का मस्तिष्क पूरी तरह शांत रहता है। 
उस अवस्था में व्यक्ति को एक अनुभव होता है, जो उसके जीवन से संबंधित होता है। उसी अनुभव को स्वप्न कहा जाता है।
इन्हीं स्वप्नों के माध्यम से भूत, भविष्‍य और वर्तमान की जानकारी हासिल की जा सकती है। 

लेकिन हमें सपने आते क्यूँ हैं ? 

इस बारे में सभी स्वप्न विचारकों के अपने-अपने मत है । कुछ विचारक मानते हैं कि सपनॊं का दिखना इस बात का प्रमाण है कि आप के भीतर कुछ ऐसा है जो दबाया गया है । वहीं सपना बन कर दिखाई देता है । हम कुछ ऐसे कार्य जो समाज के भय से या अपनी पहुँच से बाहर होने के कारण नही कर पाते, वही भावनाएं हमारे अचेतन मन में चले जाती हैं और अवसर पाते ही सपनों के रूप में हमे दिखाई देती हैं । यह स्वाभाविक सपनों की पहली स्थिति होती है ।
एक दूसरा कारण जो सपनों के आने का है,वह है किसी रोग का होना। प्राचीन आचार्य इसे रोगी की "स्वप्न-परिक्षा" करना कहते थे । 
हम जब भी बिमार पड़ते हैं तो मानसिक व शरीरिक पीड़ा के कारण हमारी नीदं या तो कम हो जाती है या फिर झँपकियों का रूप ले लेती है । ऐसे में हम बहुत विचित्र-विचित्र सपने देखते हैं । कई बार ऐसा भी होता है कि बहुत डरावनें सपने आने लगते हैं । जिस कारण रात को कई-कई बार हमारी नीदं खुल जाती है और फिर भय के कारण हमे सहज अवस्था मे आने में काफी समय लग जाता है ।

आइए देखते हैं क्या कहते हैं आपके सपने---


मछली देखना- घर में शुभ कार्य होना
माँस खाते हुए देखना- चोट लगना
अपने आपको मार खाते हुए देखना- फेल हो जाना
हवा में उड़ते देखना- यात्रा होना
हाथ-पैर धोते हुए देखना- सारी चिंताएँ मिटना
किसी दुल्हन का चुंबन लेता हुआ देखना- शत्रुओं के साथ समझौता होना
सर्प पकड़ना- सफलता प्राप्त होना
ऊँट देखना- राज्य से भय होना
स्वप्न में दाढ़ी बनाते हुए देखना- दाम्पत्य जीवन की सारी कठिनाई समाप्त हो जाना।
बड़े-बूढ़े का आशीर्वाद मिलना- मान सम्मान व प्रतिष्ठा प्राप्त होना
गर्दन अकड़ जाना- धन की प्राप्ति होना
अपने को दूध पीता देखना- इज्जत मिलना
अपने को पानी पीते हुए देखना- भाग्य उदय
कुत्ता काटना, कुत्ता पालना- संकट आना
उड़ता हुआ पक्षी देखना- इज्जत होना
मोर देखना- शोक होना
अपना विवाह होता देखना- परेशानी आना
मांग भरते देखना- कोई शुभ कार्य होना
दर्पण देखना- मन विचलित रहना
रेल में चढ़ना देखना- यात्रा होना
पैर फिसल कर गिर जाना- अवनति होना
गाय मिलना- भूमि लाभ होना
घोड़े से गिरता हुआ देखना- पद छूटना
घोड़े पर चढ़ता हुआ देखना- पद लाभ होना
अपने आपको मरता हुआ देखना- सारी चिंताएँ मिट जाना।

इसी प्रकार समुद्र, खिलता हुआ फूल देखना, युवती मिलना या दिखना, प्रसाद मिलना, आशीर्वाद लेना, पुस्तक पढ़ना, साँप डसना, मंदिर देखना, जेवर मिलना, हाथी पर चढ़ना, फल आदि प्राप्त होना, शरीर पर गोबर लगते देखने से धन लाभ होता है।

खून देखना, शराब पीना, तेल पीना, मिठाई खाना, विवाह होना, पुलिस को देखना, अपना मुंडन करवाते देखने से मृत्युतुल्य कष्‍ट होत‍ा है। विधवा के दाढ़ी उगती देखना उसके पुनर्विवाह का संकेत है। विवाहित व्यक्ति या महिला अपने बाल सफेद होते हुए देखने से जीवनसाथी से वियोग या संबंध विच्छेद का योग बताता है। वहीं रंगबिरंगे फूलों को देखने से नए प्रेम संबंध बनने का संकेत मिलता है।


बीमार/रोगी को आने वाले सपनों का प्रभाव----

इस बारे में प्राचीन आयुर्वेदाचार्यों का मानना है कि रोगी अवस्था मे आने वाले सपनें अकसर रोग की स्थिति की ओर संकेत करते हैं । वे आचार्य रोगी के देखे गए सपनों के आधार पर रोग की जटिलता या सहजता का विचार करने में समर्थ थे । वह इन का संम्बध , उन रोगीयों की मानसिक दशाओ की खोज का विषय मानते थे और उसी के परिणाम स्वरूप जो निष्कर्ष निकलते थे , उसी के अनुसार अपनी चिकित्सा का प्रयोग उस रोग का निदान करने मे करते थे । उन आचार्यों के स्वप्न विचार करने के कुछ उदाहरण देखें-

१.यदि रोगी सिर मुंडाएं ,लाल या काले वस्त्र धारण किए किसी स्त्री या पुरूश को सपने में देखता है या अंग भंग व्यक्ति को देखता है तो रोगी की दशा अच्छी नही है ।

२. यदि रोगी सपने मे किसी ऊँचे स्थान से गिरे या पानी में डूबे या गिर जाए तो समझे कि रोगी का रोग अभी और बढ़  सकता है।

३. यदि सपने में ऊठ,शेर या किसी जंगली जानवर की सवारी करे या उस से भयभीत हो तो समझे कि रोगी अभी किसी और रोग से भी ग्र्स्त हो सकता है।

४. यदि रोगी सपने मे किसी ब्राह्मण,देवता राजा गाय,याचक या मित्र को देखे तो समझे कि रोगी जल्दी ही ठीक हो जाएगा ।

५.यदि कोई सपने मे उड़ता है तो इस का अभिप्राय यह लगाया जाता है कि रोगी या सपना देखने वाला चिन्ताओं से मुक्त हो गया है ।

६.यदि सपने मे कोई मास या अपनी प्राकृति के विरूध भोजन करता है तो ऐसा निरोगी व्यक्ति भी रोगी हो सकता है ।

७,यदि कोई सपने में साँप देखता है तो ऐसा व्यक्ति आने वाले समय मे परेशानी में पड़ सकता है ।या फिर मनौती आदि के पूरा ना करने पर ऐसे सपनें आ सकते हैं।

ऊपर दिए गए उदाहरणों के बारे मे एक बात कहना चाहूँगा कि इन सपनों के फल अलग- अलग ग्रंथों मे कई बार परस्पर मेल नही खाते । लेकिन यहाँ जो उदाहरण दिए गए हैं वे अधिकतर मेल खाते हुए हो,इस बात को ध्यान मे रख कर ही दिए हैं।

क्या सपनों के आने का कोई तीसरा कारण भी है ??? 
मेरे विचार वह है सपनों के जरीए भविष्य-दर्शन करना ।

हम मे से बहुत से ऐसे व्यक्ति भी होगें जिन्होंने सपनें मे अपने जीवन मे घटने वाली घटनाओं को, पहले ही देख लिया होगा । ऐसा कई बार देखने मे आता है कि हम कोई सपना देखते हैं और कुछ समय बाद वही सपना साकार हो कर हमारे सामने घटित हो जाता है । यदि ऐसे व्यक्ति जो इस तरह के सपने अकसर देखते रहते हैं और उन्हें पहले बता देते हैं , ऐसे व्यक्ति को लोग स्वप्न द्रष्टा कहते हैं ।

हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी कई जगह ऐसे सपने देखनें का जिक्र भी आया है , जैसे तृजटा नामक राक्षसी का उस समय सपना देखना,जब सीता माता रावण की कैद मे थी और वह सपनें मे एक बड़े वानर द्वारा लंका को जलाए जाने की बात अपनी साथियों को बताती है । यह भी एक सपने मे भविष्य-दर्शन करना ही है । 

कहा जाता है कि ईसा मसीह सपनों को पढना जानते थे । वह अकसर लोगो द्वारा देखे सपनों की सांकेतिक भाषा को सही -सही बता देते थे । जो सदैव सत्य होते थे ।

आज की प्रचलित सम्मोहन विधा भी भावनाऒं को प्रभावित कर,व्यक्ति को सपने की अवस्था मे ले जाकर, रोगी की मानसिक रोग का निदान करने में प्रयोग आती है । वास्तव मे इस विधा का संम्बध भी सपनों से ही है । इस मे भावनाओं द्वारा रोगी को कत्रिम नीदं की अवस्था मे ले जाया जाता है ।

कई बार ऐसा होता है कि हम जहाँ सो रहे होते है, वहाँ आप-पास जो घटित हो रहा होता है वही हमारे सपने में जुड़ जाता है । या जैसे कभी हमे लघुशंका की तलब लग रही होती है तो हम सपने भी जगह ढूंढते रहते हैं। हमारा सपना उसी से संबंधित हो जाता है।

पुरानी मान्यताओं के अनुसार कईं बार अतृप्त आत्माएं भी सपनों मे आ-आ कर परेशान करती हैं...ऐसे में अक्सर रात को सोते में शरीर का भारी हो जाना...और सपने मॆ भय से चिल्लानें में आवाज का ना निकल पाना, महसूस होता है। दूसरों द्वारा किए गए तंत्र-मंत्र या जादू टोनों के प्रभाव के कारण भी रात को डरावने सपनें आते हैं।

हर सपना कुछ-न कुछ कहता है। कुछ सपने निराशा देते हैं, तो कुछ जीवन में खुशियों की लहरभर देते हैं। सपनों का संबंध आत्मा से होता है। जब व्यक्ति नींद में होता है, तब उसका शरीर आत्मा से अलग होता है, क्योंकि आत्मा कभी सोती नहीं। जब मानव निद्रावस्था में होता है तो उसकी पाँचों ज्ञानेंद्रियाँ उसका मन और उसकी पाँचों कर्मेंद्रियाँ अपनी-अपनी क्रियाएँ करनी बंद कर देती हैं और व्यक्ति का मस्तिष्क पूरी तरह शांत रहता है। उस अवस्था में व्यक्ति को एक अनुभव होता है, जो उसके जीवन से संबंधित होता है। उसी अनुभव को स्वप्न कहा जाता है। 
इन्हीं स्वप्नों के माध्यम से भूत, भविष्‍य और वर्तमान की जानकारी हासिल की जा सकती है। 
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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