वृषभ  राशी  (इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) का राशिफल(2012 )----



2012 का यह राशिफल चन्द्र राशि आधारित है और वैदिक ज्‍योतिष के सिद्धान्‍तों के आधार पर तैयार किया गया है। 
इस वर्ष शनिदेव के कारण पुरे साल एक न एक समस्या बनी रहेगी..अतः आर्थिक स्थिति  का विशेष ध्यान रखें..संयम बनाये रखें..आपसी लेन -देन  सावधानी/पारदर्शिता रखें..साख  बरक़रार रहेगी..
किसी भी मामले में कोर्ट कचहरी..और अन्य जोखिम से बचें..इस वर्ष सप्तम का राहू पारिवारिक कलह का कारण बन सकता हें..संयम बनायें रखें..लोन/ऋण  मिल सकता हें किन्तु सही जगह प्रयोग करें..इसे भूमि,भवन और वाहन में काम लेवें..उन्नति के नए मार्ग खुलेंगे..धन के अपव्‍यय से बचें. बाहर घूमने का कार्यक्रम बन सकता है. शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी. प्रेम संबंध मजबूत होगी. व्यापार में लाभ एवम उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे.इस वर्ष मई से अगस्त तक स्वास्थ्य के प्रति विशेष सचेत-सावधान रहें..सितम्बर से व्यापर और नोकरी में उन्नति और लाभ के योग बनते हें..अच्छे समाचार से मन खुश होगा..प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी, साहित्य संगीत में दिलचस्‍पी का फायदा होगा. इस वर्ष राजनीति में दिलचस्‍पी एक ऊंचा मकाम दिलाएगी. आजीविका के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तिओं को अपने सहयोगियों के साथ तालमेल आदि बनाने की आवश्यकता रहेगी..किसी काम को जल्‍दबाजी करने से बचें, वरना नुकसान आपका ही है. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. बेकार की बहस में न पड़ें.
इस साल केतु आपकी राशी पर विराजमान रहेंगे..राहू सप्तम में और देव गुरु वृहस्पति द्वादश भाव में वर्ष पर्यंत बने रहेंगे..इस वर्ष मई से अगस्त तक शनि पंचम भाव में बना रहेगा...
स्वास्थ्य ----इस वर्ष आपका स्वास्थ शनि  के कारण प्रभावित रहेगा .सेहत का विशेष ध्यान  रखने की जरूरत है. .इस कारण सिरदर्द,एसिडिटीऔर पेटदर्द भी रह सकता हें..
ये करें उपाय---
01 .-भगवान हनुमान जी की सेवा,पूजा आराधना करें..लाभ होगा..
02 .--सुन्दर कांड का पाठ करें..
03 .--परामर्श लेकर लहसुनिया या फिर नीलमणि रत्न धारण भी लाभदायक रहेगा...
04 .--गुड,घी,और काले तिल मिलाकर हवन सामग्री से " ॐ हँ हनुमते नमः" मन्त्र से प्रत्येक पूर्णिमा को 108 आहुतियाँ देवें..  
05 .--शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में कच्चा दूध,शहद,एवं गंगाजल अर्पित करें.. 
06 .--संभव हो तो शनिवार के दिन दस मुखी हनुमान जी की सेवा,पूजा एवं आराधना करें...
07 .--किसी युवा स्त्री को दहीं,घी,इत्र शाम के समय किसी भी शुक्रवार के दिन दान करें..
08 .--अपने भोजन में श्वेत सामग्री ( दूध की खीर,मिठाई आदि का) का प्रयोग करें..
वास्तु और मेष राशी के जातक--इस राशी वालों के लिए पश्चिम या दक्षिण  दिशा निवास करने के लिए..ठीक रहती हें ..शुभ और लाभदायक साबित होती हें..इस राशी वालों को अपने मकान/आवास पर दुधिया सफ़ेद रंग का प्रयोग करना चाहिए..इस राशी वाले जातक किसी भी नगर के मध्य भाग/ हिस्से में निवास करने से बचाना चाहिए 
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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