मीन राशी  (दी, दु, थ, झ, त्र, दे, दो, चा, ची) का राशिफल(2012 )---- 


2012 का यह राशिफल चन्द्र राशि आधारित है और वैदिक ज्‍योतिष के सिद्धान्‍तों के आधार पर तैयार किया गया है। 
----- साल 2012 में मीन राशि वाले जातक शनि की ढैया से प्रभावित रहेंगे। जिस वजह से साल भर उतारचढ़ाव बना रहेगा।  इस वर्ष आपकी राशी से धन भाव में गुरु का संचरण वर्ष के पूर्वार्ध में रहेगा..इसके प्रभाव स्वरूप आर्थिक लाभ होंगे..जबकि देव गुरु मई से तीसरे भाव में,होंगे..रहूदेव का भ्रमण भाग्य भाव में रहेगा ..शनिदेव अष्टम में किन्तु मई से अगस्त तक सप्तम भाव में संचरण करेंगे,,केतु तीसरे भाव में और शनि देव ढैय्या से प्रभावित रहेंगे..साल के प्रारंभ में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है | किसी भी नए काम को करने से पहले या किसी बड़े निवेश से पूर्व उसके हर पहलू पर विचार कर लें, तथा अनुभवी व्यक्ति से सलाह अवश्य करे | निवेश से आशानुरूप आय व लाभ न होने से मानसिक अशांति, चिंता में वृद्धि होगी | सौम्य व्यवहार, मृदु वाणी, प्रेमभाव आपको निश्चित लाभ देगा, इसे नज़रअंदाज़ न करें, इससे आपके बिगड़े कार्य सिद्ध होंगे | साल के शुरुआत में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. निवेश से आशा के अनुरूप आय नहीं आने से मानसिक अशांति में इजाफा होगा. किसी भी नए काम को करने से पहले उसके हर पहलू पर विचार कर लें. प्रेमभाव आपको लाभ दे सकता है, इसे नज़रअंदाज़ न करें. साल का मध्य करिअर और व्यापार के लिहाज से बेहतरीन समय साबित हो सकता है.यदि आप नोकरी करते हें तो अफसरों की बात मानाने में ही लाभ हें..सभी के साथ सहयोग करके  चलें.. आप नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ेंगे, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं मतलब पदोन्नति के संकेत हैं. आय के स्रोत बढ़ेंगे. जीवनसाथी आपको पूरा सहयोग देगा.दूर स्थान की तीर्थ यात्रा की पूरी संभावना हें..घर में वातावरण ख़ुशी भरा रहेगा..वर्ष का उत्तरार्ध कार्यक्षेत्र और व्यापार के लिहाज से सर्वोत्तम काल साबित हो सकता है | आय के स्रोत बढ़ेंगे |मीन राशि के लोगों का धन भाव का स्वामी मंगल है. इस समय आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है और कठिन परिश्रम के बाद बहुत सा धन कमा लेंगे. आप अवैध कार्यों के द्वारा भी धन अर्जित करें


स्वास्थ्य ----
अत्यधिक यौन गतिविधियों में लिप्त होने के कारण आप स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकते हैं.आप त्वचा रोग से भी  प्रभावित हो सकते हैं.आप फोड़े- फुसिंयों और बवासीर से पीड़ित हो सकते हैं.शरीर के गुप्त भागों में गांठ भी हो सकती है. आप अत्यधिक मात्रा में शराब के सेवन से बचें. आपकी राशि का स्वामी गुरू है इसलिए भोजन का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से बचें यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है.गेस ट्रबल/पेट दर्द भी रह सकता हें..इस अवधि में मसालेदार भोजन से बचें. अधिक  क्रोध करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है.

ये करें उपाय---
01 .--पुरे वर्ष आपको हनुमान जी की सेवा-पूजा-आराधना से लाभ होंगे..
02 .--पुखराज/सुनहला/पीला हकीक/पीला गोमेद/बिरुज...में से कोई भी रत्न-उपरत्न (पुनर्वसु नक्षत्र)परामर्श से सोने की अंगूठी में धारण करें..
03 .--गोमाता या काले कुत्ते को रोटी में गुड रखकर खिलाएं..गुरुवार के दिन सुबह..
04 .--शनिवार का वृत-उपवास करें..खाने में काली-नीली सामग्री प्रयोग करें..
05 .--शनि मन्त्र/शनि नील स्रोत का पथ भी शुभ फल दाई रहेगा..
06 .--शनिवार के दिन काली वस्तु  ( चमड़े के काले जुटे,बेल्ट,काला छाता,लोंग का तेल,कम्बल,काले तिल,काले उड़द,लोहा,) का दान किसी बुजुर्ग व्यक्ति को करें..शनिवार के दिन शाम को..
07 .--शनिवार के दिन गुड के साथ काले उड़द को पीसकर .गूँथ लेवें ..फिर उसकी छोटी गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं,,ऐसा सात शनिवार तक करें..
08 .--शनिवार के दिन भेरव देव की सेवा-आराधना करें ..(प्रार्थना-अर्चना करें)
09.--पीली वस्तु..(चना दाल,हल्दी,केसर,पीला चन्दन,पीला कपडा) आदि का दान करें...गुरुवार को 
10 .--संभव हो तो बूंदी(मोतीचूर) के लड्डू पीली गोमाता को इक्कीस गुरुवार तक खिलाएं सुबह के समय..
11 .-- विष्णुभागवन की अर्चना करें.विष्णु पंजर स्रोत का पाठ करें..गुरु यंत्र की पूजा करें..

वास्तु और मीन राशी के जातक--
मीन राशी के जातकों को दक्षिण-पूर्व( आग्नेय)दिशा शुभ-लाभकारी होती हें..यदि इस राशी वाले जातक अपने मकान/आवास/भवन पर पीला/लाल कलर,चमकीला सफ़ेद रंग करवाएं तो अधिक लाभदायक रहेगा..इस राशी वाले जातकों को कभी भी किसी भी शहर के आग्नेय(दक्षिण-पूर्वी) भाग में निवास नहीं करना चाहिए..सावधानी रखें..
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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