अपनी ब्यूटी/त्वचा/खूबसूरती को बचाएं इन उपायों द्वारा--------

अगर आप बढ़ते मोटापे से परेशान हैं और एक्सरसाइज के लिए टाइम नहीं निकाल पाते हैं तो टेंशन न लें। आप बढ़ते मोटापे को रोक सकते हैं वो भी देसी इलाज से। एरंड यानी अरण्डी भारत में बहुत अधिक पाया जाता है। इसका आयुर्वेदिक तरीके से प्रयोग करके आप मोटापा घटा सकते हैं। लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि अरंडी या एरंड की क्या पहचान है..???      How to take good care of your skin for every skin type - Myhealthpedia 
एरंड के पौधे के तने, पत्तों और टहनियों के ऊपर धूल जैसा आवरण रहता है, जो हाथ लगाने पर चिपक जाता है। ये दो प्रकार का होते हैं लाल रंग के तने और पत्ते वाले एरंड को लाल और सफेद रंग के होने पर सफेद एरंड कहते हैं।एरंड दो प्रकार का होता है पहला सफेद और दूसरा लाल।

लाल एरंड----
एरंड का तेल पेट साफ  करने वाला होता है। एरंड के तेल की मालिश सिर में करने से सिर दर्द की पीड़ा दूर होती है। औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते है।

सफेद एरंड- -----
सफेद एरंड, बुखार, कफ, पेट दर्द, सूजन, बदन दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, मोटापा, प्रमेह और अंडवृद्धि का नाश करता है।एरंड के तेल का जुलाब देना चाहिए। इसका जुलाब बहुत ही उत्तम होता है। इससे पेट में दर्द नहीं होता और पानी की तरह पतले दस्त भी नहीं होते, केवल मल-शुद्धि होती है। यदि इसका जुलाब फायदा नहीं पहुंचाता तो यह कोई हानि नहीं पहुंचाता। छोटे बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के लिए यह समान उपयोगी है। सोंठ के काढ़े के साथ पीने से एरंड के तेल की दुर्गन्ध कम हो जाती है।

एरंड की जड़ का काढ़ा छानकर एक-एक चम्मच की मात्रा में शहद के साथ दिन में तीन बार सेवन करें। एरंड के पत्ते, लाल चंदन, सहजन के पत्ते, निर्गुण्डी को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, बाद में 2 कलियां लहसुन की डालकर पकाकर काढ़ा बनाकर रखा रहने दें इसमें से जो भाप निकले उसकी उस भाप से गला सेंकने और काढ़े से कुल्ला करना चाहिए। एरंड के पत्तों का क्षार को हींग डालकर पीये और ऊपर से चावल खाएं। इससे लाभ हो जाता है।अरण्ड के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से मोटापा दूर हो जाता है।
आयुर्वेद में कहा गया है कि लहसुन के नियमित इस्तेमाल से आप बढ़ती उम्र में भी युवापन का एहसास कर सकते हैं। लहसुन आंत के कीड़ों को निकाल देता है। घावों को शीघ्र भरता है। लेकिन इन तमाम रोगों में कच्चा लहसुन ही विशेष फायदेमंद होता है। न कि व्यवसायिक रूप में लहसुन से बनाई गई दवाई।

शायद वनस्पति जात की यह इकलौती वनस्पति है जिसमें सभी विटामिन और खनिज है। इसीलिए लहसुन बालों के लिए भी फायदेमंद है। केवल लहसुन का सेवन ही नहीं बल्कि इसके तेल से भी बालों से जुड़ी सारी समस्याओं से निजात पाई जा सकती है।

बाल झडऩा- 50 ग्राम सरसों का तेल, एक लहसुन की सब कलियां छीलकर डाल दें। मंदाग्रि में पकाएं। कलिया जल जाएं तो उतारकर, छानकर बोतल में भर दें। रोज रात को सोने से पहले मालिश करें।

बालों का पकना- उपरोक्त बनाए हुए तेल की मालिश आधा घंटा करना चाहिए।

बाल काले करना-5 कलियों को 50 मि.ग्राम जल में पीस लें फिर 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह सेवन करें।


बॉडी स्क्रब का काम करता है पपीता------

यूं तो पपीता की न्‍यूट्रिशन वैल्‍यू बहुत है लेकिन यह त्‍वचा को निखारने का काम भी करता है। इसे स्‍क्रब की तरह इस्‍तेमाल करने से त्‍वचा की चमक बढ़ जाती है।   इसे स्क्रब को घर पर ही तैयार किया जा सकता है।सबसे पहले पपीते को अच्छी तरह मैश कर लें। इसमें एक चुटकी हल्दी , दो चम्मच बेसन और साबुत उड़द का पेस्ट ( हल्का दरदरा ) मिला लें। हाथ से अच्छी तरह मिक्स कर लें। इस मिक्सचर को चेहरे पर लगा लें। अब इसके ऊपर प्लास्टिक सीट लगा दें।20 मिनट लगा रहने दें। इसके बाद धो दें।    यह स्किन को अंदर तक क्लीन करता है। इसे 15 दिन में एक बार लगा लें , तो आपको बहुत फायदा होगा। लेकिन अगर आपने हेयर रिमूविंग के लिए वैक्स और रेजर का प्रयोग किया है , तो उसके दो दिन बाद तक इस स्क्रब को यूज न करें ।

मिट जाएंगी स्किन प्रॉब्लम्स------












त्वचा के रंग रूप निखारने में नींबू बहुत उपयोगी होता है। आयुर्वेद में माना गया है कि नींबू के रोजाना प्रयोग से त्वचा गौरी-गौरी हो जाती है।अगर आप अपने स्कीन प्राब्लम्स से परेशान हैं तो घबराइये नहीं कुछ आसान आयुर्वेद नुस्खे ऐसे हैं जिनसे आपकी स्कीन प्राब्लम्स दूर हो सकती हैं।

------नहाने के पानी में नींबू निचोड़कर स्नान करने और स्नान से पहले नींबू काट कर शरीर पर मलने से त्वचा का रंग साफ होता है।
----- नींबू और संतरे के छिलके सुखा कर महीन पीस लें। इस पाउडर में दूध डाल कर गाढ़ा लेप बनाकर चेहरे या पूरे शरीर पर मलें तो मुंहासों और झाइयों के दाग मिटते हैं। पूरे शरीर पर उबटन करें तो त्वचा का रंग साफ और चमकदार होता है। त्वचा रेशम सी चिकनी हो जाती है।
------शहद में नींबू निचोड़कर चेहरे पर लगा कर मलें और थोड़ी देर बाद धो डालें।
- ----नींबू के रस में तुलसी के पत्ते पीस लें। चेहरे पर लेप मलें। सूख जाने पर धो डालें।
------ नींबू का रस, बेसन, शहद और मैदा चारों 1-1चम्मच लेकर थोड़े से पानी के साथ फेंट कर लेंप बना लें। चेहरे पर खूब अच्छी तरह मलें। निरंतर कुछ दिन प्रयोग करने से चेहरे के अनावश्यक बाल हट जाते हैं।
------ नाखूनों पर नींबू रगडऩे से नाखून चमकदार और सवस्थ रहते हैं।
------- नींबू का रस, जौ, बाजरी और चावल का आटा तथा हल्दी-पांचों 1-1चम्मच लेकर मिला लें। जरा सा जैतुन का तेल मिला कर गाढ़ा  उबटन बना कर चेहरे और पूरे शरीर पर लगा कर मसलें। थोड़ी देर बाद धो लें या नहा ले। बहुत ही रंग साफ करने वाला ये उबटन बेजोड़ है।
 
एक महीने में बना देंगे छरहरा---------












जितनी खुशी इंसान को सौन्दर्य को देख कर मिलती है, उतना ही सुख उसे खुद को खूबसूरत दिखाने में हासिल होता है। अगर आप भी मोटापे से परेशान हैं तो आजमा कर देखें। इन छोटे मगर बेहद कारगर घरेलू उपायों को जो सैकड़ों सालों से 100 फीसदी असरदार व प्रामाणिक सिद्ध होते रहे हैं। छरहरा यानी एक दम फिट-फाट शरीर जो स्वास्थ्य और सौन्दर्य दोनों ही स्तरों पर 24 केरेट खरा हो....

1. सुबह सूर्योदय के समय जागकर हर रोज 1-2 गिलास गुनगुना पानी पीएं और कुछ देर टहलें।
2. कम से कम एक नीबू अपनी डेली डाइट में अवश्य शामिल करें।
3. प्रतिदिन सुबह या शाम के समय कम से कम 2-3 कि.मी. पैदल मगर तेज गति के साथ घूमने के लिये अवश्य जाएं।
4. सुबह नाश्ते में सिर्फ अंकुरित अन्न- मूंग, चना, सोया.. आदि का ही सेवन करें।
5. स्ट फूड, तले हुए, ज्यादा फेट वाले और फ्रिज में रखे हुए बासी भोजन सभी से जहां तक संभव हो बचकर रहें।
6. दिन में सोना यथा संभव छोड़ दें।
7. शाम का भोजन रात्रि 8 बजे से पहले ही कर लें।
8. चाय, काफी और कोल्डड्रिंक्स को जितना हो सके कम से कम सेवन करें।
9. खाने के तत्काल बाद कभी न सोएं।
10. पूरे दिन में तीन या चार बार से अधिक कुछ न खाएं, दो बार नाश्ता और दो बार भोजन यह संख्या अधिकतम और अंतिम होना चाहिये।
11. प्रतिदिन रात को अमृत के समान गुणकारी त्रिफला चूर्ण का सेवन अवश्य करें।


ब्यूटी के लिए आजमाईये टिप्स------

गर्मी में सेहत का विशेष ख़्याल रखने के लिए निम्न उपायों में भी गौर करके आजमाना चाहिए
-    कच्चा पपीता पीसकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं।  यह रोमिछद्रों की सफाई करता है।
-    जौ का बारीक पिसा आटा और दूध को मिलाकर पेस्ट बनाए। यह हल्का सा खुरदरा होता है पर चेहरे की सफाई के लिए अत्यंत गुणकारी होता है।
-   तैलीय त्वचा की सफाई के लिए दो छोटे चम्मच मिल्क पाउडर में खीरे का रस मिलाकर चेहरे पर लेप करें। दस मिनट बाद चेहरे को धो लें।
 
 
पिम्पल हो तो ये आजमाए-------

यदि आपके चेहरे में पिम्पल दिख जाए और हर तरह से उपाय करने के बावजूद वह कम ना हो तो घबराने की ज़रुरत नहीं है बल्कि अपनी त्वचा को धूप की किरणों से बचाकर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और आम, भिंडी, फूल गोभी, काजू तथा मूँगफली के सेवन से बचें। इनकी जगह आप अनार, अमरूद, आलू बुखारा, तरबूज, खीरे, लौकी, गाजर आदि को अपनी खुराक में शामिल करें।याद रखें, अनियमित मासिक धर्म की वजह से कील-मुँहासों की समस्या बढ़ जाती है। मासिक धर्म को नियमित रखने के लिए किशोरियों को नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना चाहिए और तली-भुनी सामग्री के सेवन से बचना चाहिए। खूबसूरत त्वचा स्वस्थ और संतुलित शरीर का प्रतिबिंब होती है। आमतौर पर त्वचा संबंधी विकारों के मूल में शरीर का असंतुलन ही होता है। अच्छा और संतुलित भोजन तथा सेहतमंद जीवनशैली इन असंतुलनों को दूर कर आपको सेहतमंद तथा निखरी त्वचा दिलाने में मददगार होती है।
 
 
 
चेहरे को झुर्रियो से बचाना हो तो -----

कभी-कभी होता है कि जब उम्र के एक पड़ाव में आप आते हो तो चेहरे में समय के साथ होने वाली तब्दीलियो से आप नाहक घबरा जाते हो आमतौर पर चेहरे पर दिखाई देती झुर्रियाँ बुढ़ापे की निशानी होती हैं। यदि चेहरे की उचित देखभाल की जाए व खान-पान के प्रति सजगता बरती जाए तो चेहरे पर असमय झुर्रियाँ पड़ने से रोका जा सकता है। शारीरिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए त्वचा की नियमित देखभाल और उपचार बहुत जरूरी है। आइए, जानें कैसे-
1. त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले चेहरे और गर्दन को क्लींजर से साफ करें।
2. कच्ची सब्जियों का सलाद, फलों का रस व अंकुरित अनाज का सेवन भी झुर्रियों को दूर करने में सहायक है।
3. चना, मूँग, मैथीदाने और साबुत मसूर भिगोकर अंकुरित बना लें। इसमें नीबू का रस व काला नमक मिलाकर प्रतिदिन चबाकर खाएँ।
4. खुबानी, पत्तागोभी, गाजर और अंकुरित गेहूँ को बारीक पिसकर मास्क के रूप में चेहरे पर लगाएँ। इन सभी चीजों को अलग-अलग तरह से भी प्रयोग किया जा सकता है। इनके उपयोग से चेहरा कांतिमय बनता है। 

ब्यूटी टिप (चमकदार त्वचा के लिये )------

वैसे   तो    बाज़ार   में    बने  बनाए   फेसपैक     मिलते   हैं,  जिनका    बहुत    लोग   इस्तेमाल   करते   होंगे  लेकिन   ये   मंहगे  होने   के   साथ-साथ   रसायन   मिले  हुए   मिलते   हैं।  यदि   वह   आपकी     त्वचा   के    अनुकूल     नहीं     हुए   तो   एलर्जी    का   डर    रहता   है। आप  घर   में   आसानी     से    उपलब्ध     होने   वाली    वस्तुओं  से   फैसपैक    बन    सकते    हैं।
१—- एक   अंडे    की     सफेदी     और    कुछ     बूंद   नींबू    का    रस   अच्छी    तरह   से    फेंट     लें।  यह   मास्क   तैलीय    त्वचा    के   लिये   बहुत    अच्छी   रहती   है।
२—- ऐसी     त्वचा     को    जो   शुष्क    और    तैलीय    का    मिश्रण    हो   गाजर   के    रस ,   बेसन ,   शहद   और     जैतून   का   तेल   से    बने   पैक    से   बहुत    फ़ायदा   होता   है।
३—- आटे   का    चोकर    और    दूध    मिलाकर    तैयार   किया   गया  पेस्ट   नियमित   रुप     से      इस्तेमाल   करने   पर   मस्सों     के    दाग    हल्के    पड़    जाते    हैं।
४—-कुछ    अंगूर    के   दानों    को   मसलकर   तैलीय     त्वचा   के   लिये   अंडे   की   सफ़ेदी  व   शुष्क   त्वचा   के   लिये   अंडे    की   ज़र्दी   मिलाकर   फेंटें।

 जरुरी 30 ब्यूटी टिप्स ---

 
साघारण उपाय भी मेकअप को खास और आसान बनाते है। कब, कहां और कैसे इन उपायों को अपनाएं, आइए जानें .....
1. तेज गंघवाले शैंपू का इस्तेमाल करने के बजाय अपने हेअर ब्रश के दांतो का परफ्यूम छिडकें और इससे कंघी करें। सारे दिन आपके बालों से गजब की महक आएगी। तेज गंघवाले शैंपू बालों को हानि पहुँचाते है। बाल भी सलामत रहेंगे और दिनभर आपको मनपसंद खुशबू भी मिलती रहेगी।
2. एडियों पर नियमित पेट्रोलियम जैली लगाने के बाद 20 मिनट तक सूती मोजे पहन कर रखें। आपकी एडियां कभी नहीं फटेंगी।
3. गहरे रंग की लिपस्टिक सादी रूई से पोंछने के बाद भी नहीं निकलती। रूई की बजाय टिशू पेपर का पेकअप रिमूवर में डुबों कर इस्तेमाल करें।
4. रात को सोते समय भवों पर भी आईस्क्रीम लगाएं। भवों में खुश्की नहीं होगी और वे मुलायम रहेंगी।
5. अगर लगता है कि हेअर स्ट्रीकिंगवाले में चमक नहीं आ रही हो, लूफा पर थोडा सा बेकिग सोडा छिडके और स्ट्रीकिंगवाले बालों पर इसे थोडा सा स्क्रब करें। हेअर स्ट्रीकिंग चमक उठेंगे।
6. बालों को ब्लो ड्राई का फाइनल टच देते वक्त हेअर ब्रश क दांतो पर हेअर स्प्रे करें। फिर बालों की जडो से 1 मिनट के लिए ब्रश करें। इससे बालों पर हेअर स्पे्र की मोटी परत नहीं चढेगी, लेकिन बालों का वॉल्यूम और चमक देखते ही बनेगी।
7. बॉडी लोशन लगाने के बाद भी हाथ-पैरों पर चमक नहीं आती हो, तो बॉडी लोशन में थोडा सा बेबी ऑइल डालकर इस्तेताल करें।
8. बाल काफी तैलीय हों, तो इसके लिए मोटे मेकअप ब्रश को लूज पाडडर में डिप करें और बालों की जडो पर लगाएं। यह बालों से अतिरिक्त तेल सोख लेगा। कंघी के दांतो में रूई फंसा कर बालों में ब्रश करें। बाल महक उठेंगे। पहले की तुलना में साफ और तेल रहित दिखायी देंगे।
9. अपने क्यूटिकल को मजबूत, मुलायम और स्वस्थ्य बनाने के लिए एप्रिकॉट ऑइल (आड का तेल) का प्रयोग करें। यह किसी फूड स्टोर में मिल सकता है।
10. बिना मेकअप के भी बरौनियों के आकर्षक बनाया जा सकता है। उंगनियों पर हल्का बादाम या जैतून का तेल मल कर बरौनियों पर लगाएं। यह किसी नेचुरल मस्कारा से कम नहीं।
11. बच्चों की क्रीम से फटी व रूखी कोहनियां व पैर मुलायम बनाए जा सकते हैं।
12. घुलाई का साबुन अगर अलमारी में रख दिया जाएं, तो पूरी अलमारी उसी से महक जाती है। अपने अंडरगारमेंट रखने की जगह पर तेज महकवाले बाथिंग सोप बिना रेपर खोले रख कर देखिए। यकीनन आप फे्रश महसूस करेगी।
13. टूथब्रश पर थोडा सा हेअर स्पे्र कर अपनी भवों पर इससे कंघी करें। भवों पर चमक दिखायी देगी और वे सजी-संवरी भी रहेंगी।
14. मुंहासे बहुत परेशान कर रहे हैं, तो प्रभावित स्थान पर थोडा बिना जैलवाला टूथपेस्ट 15 मिनट तक लगा कर रखिएं और फिर ठंडे पानी   
से वह स्थान घो डालिए। फर्क महसूस करेगी। 
15. आई लाइनर पेसिंल की टिप अगर शार्प हो, तो पलकों पर लाइनर बढिया लगता है। इसके लिए आप आई लाइनर पेंसिल प्रयोग करेने से पहले कुछ देर उसे फ्रीजर में रख दें।
16. ठंड के मौसम में कई बार हाथ-पैरों की उंगलियों पर कोल्ड सोर (ठंड से घाव) हो जाते है। माँइशराइजर में डुबो कर प्रभावित स्थान पर लगाएं। इससे घाव नहीं होगा।
17. अगर आपकी बरौनियां सीघी है, लेकिन आप कर्ल लुक चाहती है, तो आई लैश कर्लर को कुछ सेकेंड के लिए हेअर ड्रायर से गरम कर बरौनियां आसानी से कर्ल हो जाएंगी। उसके बाद वॉटरप्रूफ मस्कारा का इस्तेमाल करें।
18. अगर आप अपनी टांगों को शेव करती है, तो शेविंग क्रीम के साथ थोडे हेअर कंडीशनर का प्रयोग करें।
19. बॉडी सॉफ्टर लोशन ना हो, तो एवोकैडो फल को किसी बरतन में कदूकस कर लें। इसे अपने बदन में 20 मिनट तक मलें और शावर बाथ लें। एवोकैडो प्राकृतिक मॉइpराइजर है।
20. प्रदूषण से प्रभावित बालों में नयी जान डालने के लिए 1 कप पानी मे 3 बडे चम्मच सफेद सिरका मिलाएं और बालों में लगा कर 15 मिनट तक छोड दें। शैंपू से बाल घो लें।
21. स्लीवलेस ब्लाउज पहनने से पहले नहाते समय बांहों और बगलों पर फेस स्क्रबर का इस्तेमाल करें। इससे बांहे और बगलें पहले की तुलना में साफ और मुलायम दिखायी देंगी।
22. रात को पार्टी से लौटने बाद ब्रश करने का समय ना हो, तो माउथवॉश से कुल्ला करने के बाद बिना पेस्ट लगाए टूथपेश से दांत और मसूडों पर ब्रश करें। आप फ्रेश महसूस करेंगी।
23. थकी और निस्तेज त्वचा की आभा लौटाने के लिए अंडेके सफेदी में बिना कुछ मिलाए त्वचा पर 10 मिनट तक लगा कर रखें और ठंडे पानी से चेहरा घो लें।
24. शादी समारोह मे जा रही हों, तो खुले अंगों पर भी हल्का मेकअप करें। इसके लिए हैंड एंड बॉडी लोशन में थोडा सा बॉडी ब्रोंजर मिला कर लगाएं।
25. फटाफट फ्रेश महसूस करने के लिए ज्यादा पसीना आनेवाले स्थान पर बेबी पाउडर लगाएं।
26. पलकों पर आई लाइनर देर तक टिके रहें, इसके लिए पलकों पर प्राइमर का एक कोट लगाएं मैट बेस आई मेकअप का भी प्रयोग आई लाइनर या आई पेंसिल को पलकों पर देर तक टिकाए रखने में मदद करता है।
27. बहुत देर तक सांसे महकती रहे, इसके लिए हाइड्रोजन पैराक्साइड टूथपेस्ट का प्रयोग करें। यह मुंह के अंदर बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करता है।
28. हेअर डाई करती हो, तो बार- बार शैंपू करने से बचें। डाई में मौजूद अमोनिया बालों को रूखा और हेअर क्यूटिकल्स को हानि पहुंचाता है। डाई के बाद बार-बार शैंपू करने से बालौं की जडों का रहा-सहा नेचुरल ऑईल खत्म हो जाता है। हफ्ते में एक बार कंडीशनर युक्त शेपू का प्रयोग करें।
29. कई बार बहुत पसीना आने की शिकायत होने पर डियोडरेंट भी प्रभावी नहीं होता। तनाव और गरमी के अलावा हाइपहाइड्रोसिस भी पसीने की वजह हो सकती है। इसके लिए अल्यूमीनियम युक्त एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
30. नेचुरल मेकअप के लिए फाउंडेशन लगाने के बाद उसे 2 मिनट तक त्वचा पर सोखने दें। उसके बाद पाउडर लगाएं। इससे फाउंडेशन के चकत्ते नहीं दिखेंगे

लेजर द्वारा अनचाहे बालों से पा सकते हैं स्‍थाई छुटकारा--

अनचाहे बाल महिलाओं की एक आम समस्या है। महिलाओं के चेहरे पर पुरुषों जैसे बाल आ जाने से बहुत ही दुखद स्थिति बन जाती है। आमतौर पर ठोड़ी और होंठ के ऊपर बाल आते हैं। इसके अलावा हाथ, पैर आदि पर भी अनचाहे बालों के कारण महिलाओं को कई बार आधुनिक कपड़े पहनने में शर्मिंदगी का अहसास होता है। 
वैसे तो शरीर के अनचाहे बालों को दूर करने के लिए यदि वैक्सिंग, शैविंग, ट्‌वीज़िंग आदि तरीकों को महिलाएं अक्‍सर अपनाती हैं, लेकिन बालों के बार-बार उग आने के कारण वह कई बार इससे त्रस्‍त भी हो जाती हैं। अनचाहे बालों को लेज़र द्वारा स्थायी रूप से हटाया जा सकता है। लेजर से बालों को हमेशा के लिए जड़ से खत्म किया जाता है। इसमें लगभग ७ से ८ सिटिंग्स लगती हैं। वैक्सिंग, शैविंग, ट्‌वीज़िंग आदि तरीकों से त्रस्त महिलाओं कें लिए लेज़र उपचार अच्छा विकल्प हो सकता है। लेज़र द्वारा अनचाहे बालों से स्थायी रूप से छुटकारा पा सकते हैं। लेज़र बीम को फोलिकल पर केंद्रित किया जाता है जिससे बाल नष्ट हो जाते हैं। 
अनचाहे बाल आने का कारणहारमोनल समस्याएं : महिलाओं में हारमोन की अनियमितता के कारण चेहरे पर बाल आने लग जाते हैं। शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हारमोन 
के अधिक सक्रिय होने पर चेहरे, अपर लिप व ठोढ़ी पर बाल आने लगते हैं।

वंशानुगतः चेहरे पर बाल आना एक वंशानुगत समस्याएं भी हैं। परिवार में यदि माता को बाल आने की समस्या है तो यह समस्या उसकी बेटी को होने की आशंका भी रहती है।
अनियमित जीवनशैली: भोजन में प्रोटीन, विटामिन और फाइबर जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से भी अनचाहे बाल विकसित होने लगते हैं। 
पॉलिसिक्टिक ओवरी : 'पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम' में ओवेरी में छोटी-छोटी गठानें बन जाती हैं जिससे हारमोन की एक्टिविटी पर प्रभाव पड़ता है और चेहरे पर बालों का विकास होता है।
स्टेरॉइड्‌स : ५-६ महीने तक लगातार स्टेरॉइड्‌स लेने पर मेटाबोलिक तथा हारमोनल परिवर्तन आने लगते हैं।
रजोनिवृत्ति : इस समय हारमोन के स्तर में बदलाव आते हैं जिससे अनचाहे बाल विकसित होने की आशंका रहती है।
लेजर से अनचाहे बाल हटाने के फ़ायदे
सटीक : लेज़र बीम को सटीकता से बालों पर केंद्रित किया जाता है जिससे बाल नष्ट हो जाते हैं साथ ही उसके आसपास की त्वचा को कोई क्षति नहीं होती है। लेज़र की एक पल्स एक सेकंड से भी कम समय लेती है जिससे एकसाथ कई बालों को नष्ट किया जा सकता है। अपर लिप जैसे छोटे हिस्सों का उपचार १ मिनट से भी कम समय में हो जाता है। पीठ या पैरों जैसे बड़े हिस्सों से बालों को हटाने में १ घंटे का समय भी  लग सकता है। ९० प्रतिशत मरीज़ों में ३-५ सेशंस के बाद बालों से स्थायी रूप से छुटकारा मिल जाता है।
कैसे करें इसकी तैयारीबालों से निजात पाने के लिए किया जाने वाला लेज़र उपचार आम कॉस्मेटिक प्रक्रिया से भिन्ना मेडिकल प्रोसिजर है जिसे विशेष प्रशिक्षण प्राप्त प्रोफेशनल द्वारा ही किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को कराने से पहले सुनिश्चित कर लें कि चिकित्सक या टेक्नीशियन अपने काम में कुशल हों। लेज़र उपचार का मन बना चुके हों तो प्लकिंग, वैक्सिंग और इलेक्ट्रोलिसिस जैसी प्रक्रियाओं को ६ हफ्तों पहले से बंद करने की सलाह दी जाती है। 
लेज़र को बालों की जड़ों पर केंद्रित किया जाता है, वैक्सिंग या प्लकिंग जैसी प्रक्रियाओं से बाल अस्थायी रूप से जड़ समेत निकल जाते हैं इसलिए लेज़र उपचार के पहले कम से कम ६ हफ्तों तक यह नहीं कराना चाहिए। 
* लेज़र उपचार के पहले और बाद में ६ हफ्तों तक धूप से भी बचना चाहिए। त्वचा पर धूप के असर से लेज़र उपचार का प्रभाव कम हो सकता है और प्रोसिजर के बाद जटिलताओं की आशंका भी बढ़ जाती है। 
* प्रक्रिया शुरू करने से पहले लेज़र उपकरण को बालों के रंग, मोटाई और स्थान के अनुसार एड्‌जस्ट किया जाता है, साथ ही त्वचा के रंग का ध्यान रखना भी ज़रूरी होता है। * टेक्नीशियन और मरीज़ को लेज़र किरणों से बचने के लिए उपयुक्त आई प्रोटेक्शन गियर पहनने चाहिए। त्वचा की सुरक्षा के लिए जेल लगाया जाता है। * लेज़र की पहली पल्स देकर कुछ मिनट रुककर उसका प्रभाव देखा जाता है। उपचार के बाद मामूली असुविधा होने पर सूजनरोधी क्रीम एलोवेरा जेल या बर्फ के सेंक की सलाह दी जाती है, फिर अगले सेशन के लिए ४-६ हफ्ते बाद जाना होता है। बालों का विकास पूरी तरह बंद होने तक उपचार को रिपीट किया जाता है। 
इसकी जटिलता लेज़र उपकरण को त्वचा या बालों  के रंग आदि के अनुरूप सही ढंग से एड्‌जस्ट नहीं किया जाए तो गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसीलिए लेज़र उपचार करने वाले तकनीशियन का प्रशिक्षित होना बहुत ज़रूरी है। लेज़र उपचार कराने से पहले अपने चिकित्सक और तकनीशियन की क्वालीफिकेशन और कुशलता की पुष्टि आवश्य कर लें। बहुत गहरे या बहुत हल्के रंग के बालों पर लेज़र उपचार उतना प्रभावी नहीं होता।

ब्‍लीचिंग हें शरीर के रोएं को छिपाने का उपयुक्‍त तरीका------


ब्‍लीचिंग शरीर के रोएं को छिपाने का सबसे उपयुक्‍त तरीका है। ब्‍लीचिंग कराते ही रोओं का रंग हल्‍का हो जाता है, जो नहीं दिखता। कम रोएं वाली महिलाएं यदि रोएं को निकालना नहीं चाहती तो ब्‍लीचिंग करा कर इसे आसानी से छिपा सकती हैं। 

ब्‍लीचिंग के प्रकार:

क्रीम ब्‍लीच: ब्‍लीचिंग दो प्रकार का होता है। क्रीम ब्‍लीचिंग और पाउडर ब्‍लीचिंग। सबसे ज्‍यादा क्रीम ब्‍लीच ही इस्‍तेमाल में आता है। क्रीम ब्‍लीच इस्‍तेमाल करने में बेहद आसान होता है। यदि लोकल स्‍तर पर क्रीम ब्‍लीच तैयार करना हो तो क्रीम अधिक व एक्टिवेटर कम मात्रा में लेकर ब्‍लीच बनाना चाहिए। लेकिन यदि अधिक इफेक्‍ट चाहिए तो एक्टिवेटर की मात्रा थोड़ा बढ़ा सकते हैं। 

पाउडर ब्‍लीच: --
पाउडर ब्‍लीचिंग बनाने के लिए एक चम्‍मच ब्‍लीच पाउडर लेक‍र उसमें चार से आठ बूंद अमोनिया डालें। इसके बाद इसमें पेस्‍ट बनाने लायक हाइड्रोजन पैरॉक्‍साइड डालें और उसमें डिटोल मिला ठंडा पानी डालें। पाउडर ब्‍लीच तैयार है। 

शरीर के किन-किन हिस्‍सों में हो सकता है ब्‍लीच:वैसे तो ज्‍यादातर महिलाएं चेहरे पर ब्‍लीच कराती हैं, लेकिन इसके अलावा ललाट के बालों पर, हाथ पर और पूरे शरीर पर ब्‍लीच हो सकता है और महिलाएं इसे कराती भी हैं। 

बरतें सावधानी:* नाजुक व संवेदनशील त्‍वचा वाली महिलाओं को ब्‍लीच नहीं कराना चाहिए।* ब्‍लीचिंग खुद से नहीं करना चाहिए। किसी ब्‍यूटी पार्लर में जाकर ही ब्‍लीचिंग करानी चाहिए।* चेहरे या शरीर का कोई हिस्‍सा कट-फट गया है तो वहां भूलकर भी ब्‍लीच न कराएं।

आसान टिप्‍स बालों को झड़ने से बचाने का------

* 2 चम्‍मच कैस्‍टर आयल ,2 चम्‍मच आंवला , 2 चम्‍मच शिकाकाई ,2 चम्‍मच रीठा पाउडर , 2 चम्‍मच मेथीदाने का पाउडर , 2 चम्‍मच नीम की पतियों का पेस्‍ट तथा 2 अंडे का पेस्‍ट बना लें। इन सबको मिक्‍स करके बालों की जड़ो में लगाकर 45 मिनट तक रहने दें। इसके बाद बालो को शैंपू करें 
बालों मे तेल लगाने के बाद गरम पानी में भीगे तौलिए को निचोड़कर सिर पर लपेटें 
मेंहदी को कंडीशनर के रूप मे प्रयोग कर सकते है। मेंहदी और आंवला पाउडर रात मे भिगोये और सुबह लगाये ,तीन घंटे रखने के बाद शैम्‍पू कर ले इससे बाल झड़ना भी रूक जाएगा 
रासायनिक पदार्थो , डाई तथा हेयर ड्रायर का प्रयोग कम से कम करें 
गीले बालो मे कंघी न करे इससे बाल कमजोर होकर टूटते है 
बालों मे अगर रूसी है तो नारियल अथवा जैतून के तेल को हल्‍का गरम करके रात के समय बालो के जड़ो मे लगाये ा यह तेल रात भर लगा रहने दें। सुबह सिर धोने से पहले सिर मे नीबू कर रस लगायें फिर स्‍नान करें। सप्‍ताह मे एक बार ऐसा करने से रूसी की समस्‍या समाप्‍त हो जाएगी 

चेहरा कब धोयें ...??????

· चेहरे के क्लीन्सर्स में निम्नलिखित गुण होने चाहिए, वे तेल मुक्त, गैर कॉमेडोजेनिक (गैरमुँहासे उत्तेजक) और अधिमानतः हल्के - नॉन इरिटेशनल हों, और न सूखने वाले होने चाहिए। 
· त्वचा जब तक तैलीय न हो या गर्मी के मौसम में, प्रति दिन केवल दो बार सुबह और शाम को चेहरा धोयें, क्योंकि अतिरिक्त धुलाई जलन पैदा कर सकती है। 
· गीले सुगंधित चेहरा के तौलिए के प्रयोग से बचें, वे आमतौर पर अल्कोहल आधारित होते हैं, गंभीर जलन-प्रवण त्वचा को सुखाने से मुँहासे हो सकते हैं। 
· पॅट करके सूखायें। सूखा न रगड़ें। त्वचा अधिक रगडने से उत्तेजना होसकती है और ब्रेकआउट का कारण बन सकती है।
· प्रत्येक बार धोने के बाद तुरंत और नियमित रूप से एक मॉइस्चरॉइजर इस्तेमाल करें। 

केसे करें त्वचा के प्रकार के अनुसार त्वचा की देखभाल -----

सामान्य त्वचा ----

सामान्य त्वचा के साथ लोग भाग्यशाली होते हैं, आम तौर पर त्वचा की समस्याओं से स्वतंत्र होते हैं और इनका उद्देश्य दैनिक ध्यान के माध्यम से इसके स्वास्थ्य को बनाए रखने को सुनिश्चित करें।

1. त्वचा को दिन में दो बार तरह एक हल्के टोनर के साथ हल्के साबुन और साफ पानी के साथ में पानी का उपयोग करते हुए पोंछें। नमी सामग्री संतुलन के लिए हर रात सोने से पहले चेहरे की त्वचा पर मॉइस्चराईज का उपयोग करें।

2. जब भी किसी हेयर ड्रायर का प्रयोग करें तब हमेशा गर्मी से दूर रहें।

3. हमेशा टैनिंग और उम्र बढ़ने से बचाने के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करें। 

4. रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने के लिए और त्वचा की सतह के चिकनापन बनाए रखने के लिये एक न सुखाने वाला मुखौटा एक सप्ताह में बार उपयोग किया जा सकता है।

5. महत्वपूर्ण बात, आंखों के नीचे नमी की कमी के कारण समय से पहले बुढ़ाते क्षेत्र में ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि यहाँ कोई सिबेसियश क्रिया नहीं होती। 

6. फल और सब्जियों का नियमित सेवन के साथ पानी को बहुत मात्रा में प्रयुक्त किया जाना चाहिए। अन्य जरूरी चीजों में साँस लेने के लिए ताजा हवा और व्यायाम की जरूरत होती है।

शुष्क त्वचा
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1. शुष्क त्वचा अत्यधिक साबुन डेटरजेंट और टोनर के उपयोग के प्रति संवेदनशील होती है। इनका मृदु उपयोग, जो त्वचा की नमी के स्तर को बढ़ाता है और इसे यह नरम और कोमल बनाता है।

2. दिवसीय देखभाल के लिए एक मलाईदार मॉइस्चराईजर एक उच्च सन प्रोटेक्शन फैक्टर (एसपीएफ़) युक्त शुष्क त्वचा के लिए उपयोगी होता है।

3. हालांकि एक मोटा मॉइस्चराईजर सूखी त्वचा के लिए उत्कृष्ट होता है, अत्यधिक मोटाई नहीं होना चाहिए,ताकि त्वचा की जलन पैदा न हो।

4. विशेष रूप से सूखी त्वचा के लिए रात में विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। मेकअप को एक क्रीम जो प्राकृतिक तेलों पर आधारित हो, से निकालना अनिवार्य होता है। इसके बाद ग्लिसरीन आधारित फेसवॉश से चेहरा धोयें। 

5
. अंततः, एक मोटी क्रीम की परत रात में नमी को सील करने से त्वचा की ऊपरी सतह में तेल की व्यवस्था करता है। क्रीम को पूरी रात छोड़ दिया जाना चाहिये। जो लोग इसे छोड़ने का विचार असहज होता है उन्हें गुनगुने पानी के साथ साफ कर लाना चाहिये। या कम से कम दो घंटे के बाद पोंछ लेना चाहिये, इतने समय में क्रीम अपना काम कर लेती है।

6. मछली का तेल और विटामिन ई कैप्सूल त्वचा को नरम करने के लिए बहुत उपयोगी होते हैं|
7. एक ठंडे मौसम में सूखी त्वचा के अतिरिक्त देखभाल करना महत्वपूर्ण होता है, जहाँ हीटिंग सिस्टम ह्ययूमिडिफायर का उपयोग किया जाता है, मदद कर सकता है|
8. शुष्क त्वचा में,सूर्य से दोहरा संरक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शुष्कता और टैनिंग बढाता है| नियमित मॉइस्चराईजर के अलावा एक अलग सनस्क्रीन का प्रयोग किया जाना चाहिए| सनस्क्रीन कम से कम 30एसपीएफ युक्त होना चाहिये और धूप में जाने पर हर 2-3 घंटे में फिर प्रयोग की जानी चाहिए| इसके अतिरिक्त सूर्य, हवा भी त्वचा में सूखापन के उत्तेजक के रुप में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं|
9. अधिक जलपान भी त्वचा के भीतर नमी सामग्री बनाये रखने में मदद करता है| त्वचा में निर्जलीकरण कारणों जैसे कॉफी से बचें|
10. बब्बल स्नान या लंबे समय तक के स्नान करने से बचें,क्योंकि यह बहुत नीर्जलीकरण करता है, बब्बल स्नान के बजाय, नहाने के तेल का प्रयोग करने का एक बेहतर विकल्प है|

तैलयुक्त त्वचा-----


1. इस तरह तैल त्वचायुक्त होती है और मुहाँसों चिन्हों और काले धब्बे हो लकता हैं।इसलिए दिन की जरूरत के अनुरूप कई बार मुँह धोना चाहिये, इससे मुँहासे की जांच के साथ उनसे छुटकारा मिल सकता है। त्वचा के बड़े छिद्र यह गंदगी और जो मोज़री तेल निकालने में मदद करते हैं।


2. तैलीय त्वचा के लिए निम्नलिखित चाहिए: चेहरे की तैलीय त्वचा के लिये एक विशेष एंटीसेप्टिक फेसवॉश, तेल मुक्त क्लीन्सर, एस्ट्रीन्जेंट लोशन,फाईन स्क्रब, जल आधारित मॉइस्चराईजर और एक मिट्टी पर आधारित फेस पैक

3. सही पीएच संतुलन के साथ एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक नीम साबुन, को भी इस तरह की त्वचा के लिए अच्छा है।

4. अक्सर साबुन और पानी से धोने से त्वचा का निर्जलीकरण और, तेल के साथ का त्वचा का होना त्वचा की नमी बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

5. तेल मुक्त मॉइस्चराईजर संतुलन बहाल करने में मदद करते हैं। अपने चेहरे को अच्छी तरह से मालिश करना ठीक है और इसे अवशोषित करने दें, बाद में मॉइस्चराईजर की अतिरिक्त चमक रोकने को दूर करने के लिए एक टिशू पेपर का इस्तेमाल करें। आमतौर पर कई क्लीन्सर्स तेल से मुक्त होने का दावा करते हैं, लेकिन क्योंकि आखिरकार उनमें तेल के कुछ ट्रेसस होते हैं, यह तैल मेकअप को हटा देता है। 

6. विटामिन ए कैप्सूल एक निश्चित सीमा तक तेल के उत्पादन में नियंत्रण मदद करते हैं। यह उन लोगों की त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है जो तेल मुक्त आहार सब्जियों और पानी लेते हैं और नियमित रूप से उनकी आंत की सफाई करते हैं। पेट साफ रहने से त्वचा भी साफ रहती है।

7. तेल का त्वचा के लिए चिकित्सा उपचार प्रणालीगत और सामयिक दवाओं और बहु-विटामिन खनिज इस प्रकार की त्वचा के लिए विशेष होता है।

8. चेहरे की तैलीय त्वचा के लिए भाँप एक चिकित्सीय उपचार साबित हुई है। भाप लेने के बाद चेहरे की ब्लैकहेड क्योंकि यह अवरोध को खोल देता है और छिद्र भी खुल जाते हैं, इस प्रकार ताकि मिट्टी एकत्र होकर मुहाँसे न हों।


लोगों की तैलीय त्वचा में मुँहासों की समस्या-----


तैलीय त्वचा के लोगों में मुँहासे एक बड़ी समस्या होती है। मुँहासे को किशोर और वयस्कावस्था में एक जीर्ण सूजन विकार के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

इस मुँहासे प्रवण त्वचा पतली होती है और मोटे छिद्रयुक्त होती है। मुँहासे बाह्य कारकों द्वारा जैसे व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी, प्रतिबंधक कपड़ों के माध्यम से दबाव या घर्षण, और कॉमॉडेजेनिक क्रीम और सौंदर्य प्रसाधनों के कारण होते हैं। आंतरिक कारकों में आनुवंशिक भेद्यता, हार्मोनल तनाव, अपौष्टिक आहार और कुछ दवाएं शामिल हैं।

मुँहासों का उपचार----


1. तले हुये, जंक फूड से बचें जैसे होलमिल्क, मक्खन, क्रीम, पनीर, आइसक्रीम, चॉकलेट, रिच सलाद ड्रेसिंग, कोको, नट, मिठाई और वसायुक्त मांस। यह एक जीवन भर का आहार माना जाता है।

2. जलीय खाद्य पदार्थ में, ताजे फल, दुबला मीट, चिकन, अनाज, साबुत अनाज, मछली और उबला हुआ जटिल कार्बोहाइड्रेट खाओ। यह आंत्र को विनियमित करने में मदद करता है। 

3. पूरक आहार के रूप में विटामिन ए और जिंक कैप्सूल शामिल करें।

4. धब्बे मेकअप द्वारा छिपाये जा सकते हैं। 

संवेदनशील त्वचा
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1. संवेदनशील त्वचा के लिए बाजार में एक नए उत्पाद को खरीदने से पहले हर बार भीतरी हाथ पर एलर्जी पैच परीक्षण लेकर जरूरी है। यदि उत्पाद लगाने के मिनटों में खुजली या त्वचा जलने शुरू होतो तुरंत ही धो लें इसका त्वचा पर उपयोग नहीं करें। कभी भी पैच एलर्जी का परीक्षण किए बिना आपके चेहरे पर कोई भी कॉस्मेटिक उत्पाद का उपयोग न करें।

2. हर छह महीने, सभी बैक्टीरिया को आकर्षित करने वाले उत्पादों-आईलाइनर और मस्कारा की तरह के उत्पादों को एकत्रित कर बाहर फेंक दें। 

3. जहां तेल और पानी के मिश्रण अलग हो या जहां रंग स्पष्ट रूप से अलग हो रहा हो ऐसे उत्पादों का कभी भी उपयोग न करें। हमेशा गुलाबजल की तरह आरामदायक लोशन हाथ में रखें। 

4. जिनमें सनस्क्रीन की संवेदनशीलता हो वे जल प्रतिरोधी सनस्क्रीन का उपयोग करना अपेक्षाकृत बेहतर होता है, उसमें सिंथेटिक तेल कम होता है।

5 कॉस्मेटिक उत्पादों की छँटाई के लिए हॉइपो एलर्जेनिक उत्पादों के रेंज को शामिल करें और रसायन के प्रयोग पर आधारित न्यूनतम रखें।

6. एक सनस्क्रीन लोशन बिना विकिरण और सूर्य के के नीचे बाहर न जायें।


त्वचा की देखभाल के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले कुछ दिलचस्प प्रश्न-------



प्रश्नः मैं 30 साल का हूँ और मेरी आंखों के आसपास काले घेरे होगये हैं। यह जब मैं 5 साल का था तब से एक खराब पैच के रुप में शुरू हुये थे। अब मैं उन में से छुटकारा नहीं पा रही हूँ। मैं उनकी वजह से कम से कम 5-7 साल बड़ी दिखाई देती हूँ। आंखों के नीचे काले घेरे से छुटकारा पाने के लिये मैं क्या कर सकती हूँ ?

उत्तरः आंखों के नीचे डार्क सर्कल कई लोगों के लिए एक आम और लगातार समस्या हो गई है। अच्छा है, आपने इसकी जल्दी पहचान कर ली है,आप जवान हैं और इसे जल्दी पता कर सकते हैं। आप अपने डॉक्टर के पास जायें और इसके लिए किसी भी शारीरिक कारणों के लिए बाहरी जाँच की जरूरत होने पर पहले कदम में करवायें। हैं उदाहरण के लिए,(आप कुछ समस्याओं नींद की कमी, मानसिक तनाव से परेशानी की समस्यायें, संतुलित आहार आदि की कमी के कारण काले घेरे होते हैं। आप इस को हल करने की कोशिश करें, आप कुछ सावधानियों ले सकते हैं सुनिश्चित करें,आप के कम से कम 10 गिलास एक दिन पानी पीयें, धूप का चश्मा पहनें और जब भी बाहर जायें सनस्क्रीन का प्रयोग करें, पालकयुक्त एक संतुलित आहार खायें, कम से कम 30 मिनट के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। नियमित रूप से आप अपनी पलकों को बंद करके ककड़ी या आलू की स्लाइसें का उपयोग करके देख सकते हैं। आप यह भी कर सकते हैं, नींबू का रस, टमाटर का रस की कुछ बूंदें, एक चुटकी हल्दी गाढ़ा करने के लिए आटे के साथ एक पेस्ट बना और आंखों के आसपास इसे लगा सकते हैं। (यकीन रखें,इसे आँखों में नहीं जाने दें वरना परेशानी हो सकती है) और फिर 15 मिनट बाद सादे पानी से धोलें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि यह आपकी त्वचा को सूट करे। प्रारंभिक कुछ दिनों में किसी भी बदलाव देख कर यह सुनिश्चित किया जा सकता है। और बदलाव होने पर इसे बंद कर सकते हैं।


प्रश्नः मैं और मेरे पति की एक बहुत व्यस्त जीवन शैली है, और दो बच्चों का एक व्यस्त कैरियर है। मुझे वास्तव में खुद के लिए दिन में कुछ भी करने के लिए समय नहीं मिलता है। मुझे सूखे हाथ की समस्या रही है, और किसी न किसी तरह मैं प्रौढा लगने लगी हूँ, हालांकि वे इतने कठोर नहीं हैं, मैंने एक लंबे समय के लिए और अब भी इन पर ध्यान नहीं दिया है। क्या आप इसके लिए कुछ आसानी सा इलाज सुझा सकते हैं? 



उत्तरः यह लगता है कि आप अपनी व्यस्त जीवन शैली के साथ जी रहे हैं, आपको इसके लिए पहले कदम में निवारक उपाय करना महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि इस सूखापन केवल आपके हाथों में है और और कहीं शरीर में नहीं है। शुष्क त्वचा और शरीर की खुजली कई अन्य अवस्थाओं की जाँच की जरूरत के लिए सूचित कर सकता है। बुनियादी तौर पर साधारण, दैनिक उपायों से रोका जा सकता है। सुनिश्चित करें कि आप सभी शौचालय और रसोई तौलिये प्रतिदिन बदलें। खाना पकाने के पहले और बाद में अपने हाथ हल्के साबुन और पानी के साथ धोयें। और यह एक आदत धोने के बाद एक मॉईस्चराईजर का उपयोग करने की आदत डालें। निश्चित रूप से जब भी डेटरजेंट और रसोई / स्नानघर क्लीनर का इस्तेमाल करें दस्ताने का उपयोग करें। अपने हाथों पर, पेट्रोलियम की जेली की एक पतली परत लगायें। पतले सूती दस्ताने के साथ इसे कवर और रातोंरात इसे छोड़ दीजिए। एक बड़ा चमचा प्रत्येक बादाम का तेल, और एक गिलास में नींबू का रस, ग्लिसरीन, एक लोशन बनाने के लिये गुलाबजल लें, इस उपाय को घर पर कोशिश कर सकते हैं। इस मिश्रण को रात को अपने हाथों पर मालिश करें और पतले सूती दस्ताने पहनें। 

पुरूषों की स्किन भी चाहे देखभाल------

जमाना बीता और बदल गए पुरूषों के लिए सुंदरता के माने. अपने को जवां और सुंदर दिखाने के साथ-साथ पुरूष जमाने को भी दिखाना चाहता है कि सुंदर दिखना केवल औरतों का ही हक नहीं…

जॉन अब्राहम, रितिक रोशन, सलमान खान और शाहरूख खान अकेले पुरूष नहीं है जो अपने शरीर की देखभाल के लिए चर्चा में रहते है। इन की तर्ज पर आज के युवा भी अपने शरीर की देखभाल करने में लगे हुए है। पहले पुरूष ज्यादातर अपने शरीर का खयाल रखने के लिए जिम जाते थे। अब पुरूष में अपनी देखभाल करने का दस्तूर बदलता जा रहा है। अब पुरूष अपनी त्वचा का भी पूरा खयाल रखने लगे है। कास्मेटिक बाजार के जानकारों का मानना है कि पुरूषों के के बनावश्रृंगार का बाजार 1 हजार करोड रूपये से ज्यादा का है। लखनऊ में बॉडी केयर की रीजनल मैनेजर शमा विज का मानना है कि पुरूष क्लींजर, फेस बॉडी स्क्रबर, टोनर, मास्चराइजर, नरिशिंग क्रीम, सनक्रीम आफ्टर शेव क्रीम और लोशन, हेयर क्रीम और हेयर जैल का प्रयोग करते है।
चेस्ट वैक्सिंग पर जोर -----
छोटे से ले कर बडे शहरों मेंन्स पार्लर तेजी से खुल गए है। जहां पुरूष फेशल, नेल फायलिंग, हेयर कलरिंग, हिना, मसाज और स्पा कराने के लिए आते है। शमा विज बताती है कि मेंन्स पार्लर आने वालों में हर आयु के लोग शामिल है। जहां कम आयु के लोग हेयरस्टायल, फेशल और हेयर कलरिंग के लिए आने लगे है। वहीं बडी उम्र के लोग घर में अपना समय काटने के लिए भी यहां चले आते है। शमा विज का कहना है कि शाहरूख, सलमान और शेखर सुमन की तर्ज पर अब पुरूष चेस्ट वैक्सिंग करने लगे हैं। ब्लीच कराने के बारे में शमा विज का कहना है कि कभी भी ब्लीच और शेविंग साथ-साथ नहीं कराना चाहिएं।
बॉडी केयर की शमा विज कहती है कि पहले आदमी त्वचा की देखभाल के लिए क्रीम का प्रयोग नहीं करते थे। अब वे भी त्वचा की क्रीम प्रयोग करने लगे है। त्वचा की खूबसूरती के लिए यह जरूरी भी हो गया है। आज पुरूष मुंहासों, पिगमेंटेशन और चेहरे पर पडे निशानों को मिटाने के लिए मेन्स पार्लर जाने लग है। जो पुरूष हाफ स्लीव शर्ट पहनते है उन के खुल हाथों का रंग बदल जाता है इस रंग को साफ करने और खुली त्वचा की देखभाल के लिए पुरूष पार्लरों का सहारा लेने लगे है। शायद इसीलिए सौंदर्य प्रसाघन बनाने वाली कंपनियां अब पुरूष को गोरा बनाने में जुट गई है।
सौंदर्य पर देखभाल -----
आज के दौर में ही आदमी 1 से 2 घंटे अपने सौंदर्य की देखभाल पर खर्च कर रहा है। आदमी जमाने को यह दिखाना चाहता है कि सुंदरता पर केवल औरतों का ही हक नहीं रह गया है। उन का कहना है कि खूबसूरती और स्मार्टनेस आदमी में आत्मविश्वास जगाती है। आज कैरियर के हर क्षेत्र में ऎसे ही लोगौं की जरूरत है। इसलिए पुरूष ज्यादा से ज्यादा अपने रखरखाव पर घ्यान दे रहे है। घमेंद्र कहते है कि त्वचा आदमी की हो या औरत की, दोनों को ही देखभाल की जरूर होती है पर देखभाल की जरूरत होती है। आदमियों की त्वचा थोडी सख्त जरूर होती है पर देखभाल की जरूरत उस को भी पडती है। आदमी के सौंदर्य प्रसाघनों में होता है। आदमी की त्वचा पर इस्तेमाल होने वाली क्रीम थोडी ज्यादा स्ट्रांग होती है। घमेंद्र का कहना है कि पुरूषों के लिए सौंदर्य प्रसाघनों में 20 रूपये की शेविंग क्रीम से ले कर 400 रूपये तक के सामान मिल रहे है। इस के अलावा मास्क की कीमत ज्यादा तक भी हो सकती है।
गोरा बनाने की क्रीम पहले लडकियों की ही पसंदीदा होती थी। अब पुरूष भी गोरा बनने के नाम पर क्रीम का प्रयोग करने लगे है। घूप से त्वचा को बचाने के लिए सनक्रीम का प्रयोग पुरूष भी करने लगे है। पुरूष भी त्वचा पर झुर्रियां रोकने वाली क्रीम लगाने लगे है। बाजार के जानकार बताते है कि बालों और त्वचा की देखभाल में आदमी औरतों से ज्यादा पैसा और समय लगाने लगे है। आबेरान यूनीसेक्स सैलून के डायरेक्टर विजय लाल का मानना है कि पुरूषों में त्वचा की देखभाल करने की जागरूकता आई है, वह सही है कम उम्र में देखभाल शुरू हो जाने से त्वचा को नुकसान कम पहुंचता है।
हसीन बनने के उपाय-----
त्वचा की देखभाल के साथ ही चेहरे को मर्दाना, हसीन और कम उम्र का दिखने के लिए कई तरह का इलाज भी होता है। इसके जानकार डाक्टर ही करते है:-
1. बटन में सूई के जरिए झुर्रियां डालने वाली मांसपेशियों का प्रभावही कर दिया जाता है। एक बार का असर 3-4 महीनें तक रहता है।
2. नाक और होठ के आसपास की सिलवटों को सही करने के लिए फिलर का प्रयोग किया जाता है।
3. फेसलिफ्ट के जरिए ढीली त्वचा को सही किया जाता है। इससे आदमी की उम्र 5 साल तक कम हो जाती है। 

4. चकत्ते, गले और छाती पर तेल घूप के निशानों को कम करने के लिए फोटो फेशल किया जाता है।
5. चेहरे पर चमक के लिए माइक्रोडर्माब्रेजन का उपयोग किया जाता है। यह अभी कम प्रचलन में हैं।
टिप्स फार मैन स्किन
1. जो लोग घूप में ज्यादा रहते है उन को 15 दिन में एक बार मेंन्स पार्लर जा कर “डेड स्किन रिमूवर क्रीम” का प्रयोग करना चाहिए।
2. जिन लोगों की त्वचा घूप में रहने के कारण ज्यादा खराब होती है उन को आक्सी ब्लीच एवं फेशल कराना चाहिए।
3. फेशल एक समय के अंतर पर माह मेंएक बार ही कराना चाहिएं। अघिक बार फेशल कराने से त्वचा को नुकसान पहुंचता है।
4. त्वचा पर अघिक मुंहासे हो तो गोल्ड या चौकलेट फेशल में विटामिन ई आयल कैप्सूल का प्रयोग करना चाहिए रात में सोते समय ऎलोवीरा क्रीम या विटामिन ई का प्रयोग करना चाहिए।
5. त्वचा पर चमक के लिए खूब पानी पीना चाहिए।
6. आयली स्किन होने पर आयल कंट्रोल फेस वाश का प्रयोग करे।
7. मुंहासे और दाने होने पर कालीमिर्च शहद के साथ मिलाने से आराम मिलता है।
8. आंखों के निचे के डार्क सरकल हटाने के लिए आलू का रस रूई से लगाने पर लाभ होता है।
9. केला कुदरती क्लींजिंग होता है। इस से चेहरा साफ होता है।
10. अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग कराएं। शेविंग करने से त्वचा खराब होती है।
11. खास मौकों पर गोल्ड एवं पर्ल फेशल कराए।
12. झांइयों और दागघब्बों को हटाने के लिए बेसन में मौसमी का जूस मिला कर लगाने से लाभ होता है।
13. पिंपल ज्यादा होने पर नीबू और मुल्तानी मिट्टी को मिला कर लगाने से आराम मिलता है।
14. स्किन हार्ड होने पर शेव से पहले नीबू का रस लगाएं। शेविंग जेल लगाने के बाद शेव आसानी से बन जाती है। फोम का प्रयोग ज्यादा नहीं करना चाहिए। इस से त्वचा खराब होती है।
15. गर्मी और घूप में पूरी बांह की कोटन शर्ट पहने। यह त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाती और त्वचा का रंग भी खराब नहीं होता है

मैं अपनी त्वचा की अच्छी देखभाल कैसे करूँ? 

प्रमुख त्वचा विशेषज्ञ द्वारा पुष्टि की गयी है कि आपका चेहरा सामान्य स्वास्थ्य, जीवन शैली और खाने की आदतों का एक सीधा सूचक है। इन कारकों में एक संतुलन आप आपके शरीर और त्वचा का कैसे व्यवहार करते हैं दिखाई पडता है। अगर आपको प्यास लगती है, भूख, दर्द से थकान होती है, यह सीधे न केवल भाव पर आपकी त्वचा की गुणवत्ता से चेहरे पर दिखाई देता है। इस प्रकार, जब क्लीन्सर्स, टोनर्स,फेस वाश, बॉडी वाश उत्पाद का नियमित बाहरी प्रयोग, एक स्वस्थ त्वचा देखभाल बनाए रखने में, अपने खाने की आदतों-भोजन की तरह, आप कैसे नियमित रूप से खाते हैं, मदद कर सकता है, साफ व्यक्तिगत वाला है और जीवन के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण आपके शरीर और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

क्या आप जानते हैं ?

· कि त्वचा मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग है।
· कि त्वचा पूरे शरीर को ढँक कर और बाहरी तत्वों जैसे रोगाणु से सुरक्षा करती है।
· अपने शरीर का आंतरिक तापमान स्थिर रखके बाह्य तापमान में परिवर्तन से आपको ढालती है। यही कारण है कि गर्मियों में अधिक पसीना और कठोर सर्दियों को सहन कर सकते हैं। 
· यह आपकी कठोर धूप, अल्ट्रा वायलेट विकिरण से रक्षा करती है, और एक नरम मलमल कपड़े और एक कठोर चट्टान की सतह के बीच के अंतर को महसूस करने देती है! 
· इस तरह, शरीर के एक महत्वपूर्ण भाग को, बाहरी त्वचा का नियमित रूप से स्नान के द्वारा ताजा साफ रखना, ध्यान रख कर इलाज करवाना स्वास्थ्य के लिये आवश्यक है ताकि सभी कीटाणुओं और रोगों दूर रहें।
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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