सभी भारतीयों को नव वर्ष, विक्रम संवत 2070 की हार्दिक शुभकामनाये ....!!!

आज सृष्टि अपना एक अरब पंचानबे करोड़ अंठावन लाख पच्यासी हजार एक सौ तेरहवाँ जन्म-दिवस मना रही है! 
इस मधुमास के आज ही के दिन भगवान श्री राम ने सिंहासनारूढ़ होकर राम-राज्य की स्थापना की थी।

मेरी कामना है कि आप सभी को ये हिन्दू नववर्ष सुख-शान्ति-धन-वैभव प्रदान करे!!!!!!!!!

भारतीय नववर्ष , ईसवी कैलेण्डर के अनुसार ११- अप्रेल को प्रारम्भ हो रहा है. सभी भारतीयों को चाहिए कि - इस दिन को श्रद्धा, हर्ष और उत्साह के साथ मनाये लेकिन पश्चिम वालों की तरह मांस, मदिरा का सेवन या बेकार का शोर शराबा और हंगामा नहीं करें बल्कि पूर्णरूप से वैज्ञानिक और भारतीय कलेंडर (विक्रम संवत) के अनुसार आने वाले नव बर्ष प्रतिपदा पर, समाज उपयोगी सेवाकार्य करते हुए नवबर्ष का स्वागत करें.


                         विक्रम के शौर्य पराक्रम की स्मृति दिलाने आया हूँ,
                          मैं हूँ हिन्दू नवसंवत्सर फिर तुम्हें जगाने आया हूँ ।
                          तप पूर्ण उच्चादर्शो का यह देश भ्रष्ट क्यों आज हुआ ? 
                          असहाय, विवश, चैतन्यहीन, क्यों निर्बल आज समाज हुआ ?
                          अध्यात्म भूल भौतिकता के दीवाने स्वत्व भुला बैठे
                          संगठन-एकता बिखर गई, संस्कृति का कोष लुटा बैठे ।
                          हे भरत वंशियों ! जाग उठो, भारत माँ तुम्हें पुकार रही है ।
                          क्यों आत्म विस्मृति में डूब गये ? कहाँ वीरों की हुँकार गई ?

कैसे मनाएं:-----

1. इस दिन अपने घर एवं प्रतिष्ठान के ऊपर आस्थानुसार धर्मध्वजा फहराएं.
2. नजदीक के किसी मंदिर में जाकर ईश्वर के दर्शन करें और प्रसाद चढ़ाएं.
3. गौ-शाला, ब्रद्धाश्रम, अनाथाश्रम, आदि में जाकर सेवा अथवा दान करें.
4. अपने घर के बड़ों को प्रणाम एवं चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें.
5. जो लोग समर्थ हैं वो लंगर लगा कर लोगों को भोजन कराएं.
6. जो समर्थ नहीं हैं वो दूसरों के लगाए लंगर में श्रमदान करें.

जय हिंद , भारत माता की जय , वन्दे मातरम् .............

नव वर्ष विक्रम संवत 2070 की अग्रिम शुभ कामनाओं के साथ ..

आप का अपना....

पंडित दयानंद शास्त्री 
मोब.--09024390067 
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पंडित "विशाल" दयानन्द शास्त्री

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