जानिए तांबे की अंगूठी के लाभ—
दूर करेगी आपका तनाव और रक्‍तचाप, जानिए कैसे ???


प्रिय पाठकों/मित्रों, हम में से कितने लोग आज ज्‍योतिष में विश्‍वास करते हैं? शायद हम में से कई लोग करते हैं। हालांकि हममें से कुछ लोग इस पर पूरी तरह से विश्‍वास नहीं करते, लेकिन इसके बारे में जानकारी रखने में रुचि रखते हैं। यह एक आश्‍चर्यजनक तथ्‍य है कि कई धातुएं जैसे तांबा, पीतल, प्लेटिनम, सोना, चांदी और आयरन का ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण स्थान है। लेकिन आज हम आपको अपने आर्टिकल के माध्‍यम से तांबे की अंगूठी पहनने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में बतायेगें।


ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की  तांबे (कॉपर) एक प्राचीन धातु है, जिसका इस्‍तेमाल कई सालों से होता आ रहा है और यह रक्‍त की गुणवत्‍ता में सुधार के लिए जाना जाता है और कमजोर लिवर के कामकाज को मजबूत करने के लिए माना जाता है। कॉपर का उचित सेवन शरीर के लिए आवश्‍यक होता है, क्‍योंकि इसकी कमी से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, हड्डियों में कमजोरी आती है और बाल और त्‍वचा के रंग में बदलाव आने लगता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि ज्‍योतिष के अनुसार तांबे की अंगूठी पहनना भी आपको कई तरह के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्रदान करता है। भले ही वक्त बदल गया है, लोगों के कपड़े और सोच में परिवर्तन हो गया है लेकिन एक चीज नहीं बदली है और वो है लोगों की गहनों के प्रति दिवानगी लेकिन आप में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि गहने केवल तन को सुंदर नहीं बनाते हैं बल्कि यह लोगों को मेंटली और फिजीकल काफी फिट भी रखता है, इसलिए गहनों का विज्ञान भी समर्थन करता है


विश्‍वास नहीं हो रहा तो आइए जानें कैसे ?


ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार तांबे (कॉपर) की अंगूठी या ब्रेसलेट पहनने आपको रोगाणुओं से लड़ने में मदद मिलती है। इसी मुख्‍य कारण से आप तांबे की अंगूठी पहनने में विश्‍वास करते हैं। इसके अलावा कॉपर वास्‍तु दोष से छुटकारा पाने में मदद करता है, घर का माहौल शांतिपूर्ण बनाता है और जीवन शैली में परिवर्तन लाता है। तांबे के गहने पहने से पाचन तंत्र सही होता है और लोगों का गुस्सा शांत होता है।तांबा डायरिया, दस्‍त , पेट की अन्य बीमारियों और पीलिया आदि को रोकने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 


जानिए तांबे (कॉपर) की अंगूठी के फायदे—-


ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार जिन लोगों के शरीर में तांबे (कॉपर) की कमी होती है उन्‍हें कॉपर के गहने पहनने से भी लाभ होता है, क्‍योंकि इसे त्‍वचा के माध्‍यम से अवशोषित किया जा सकता है। आभूषण मिनरल की जरूरत की थोड़ी सी राशि को लेने का अच्‍छा तरीका है। तांबे के चिकित्‍सीय गुण, अंगूठी, ब्रेस्‍लेट, हार और बालियों के रूप में, शरीर में मिनरल की न्‍यू‍नतम राशि को आने की अनुमति देता है।
तांबे (कॉपर) की अंगूठी पहनने से अर्थरा‍इटिस और ब्लड सर्कुलेशन की कमी से आने वाली समस्‍याओं के लक्षणों से राहत मिलती है।
सभी धातुओं में, तांबा सबसे पुरानी धातुओं में से एक है। यह कहा जाता है कि तांबे रक्त शुद्ध करने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है।


तांबे (कॉपर) की अंगूठी पहनने का एक महत्‍वपूर्ण पहलु यह है कि यह शरीर के लिए शीतलक माना जाता है और शरीर की गर्मी को कम करता है। यानी आज के तनावपूर्ण जीवन में, हम अक्सर गुस्सा और नाराज हो जाते हो – अगर हम तांबे की अंगूठी पहने रहते हैं तो हमारे गुस्से को नियंत्रण और और शरीर को शांत रखने में मदद मिलती है।


ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार तांबे की अंगूठी उच्च रक्तचाप या निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। रक्तचाप में उतार-चढ़ाव बंद हो जाने से आप रोग से बचे रहते हैं। तांबे की अंगूठी शरीर में सूजन को कम करने में भी मददगार होती है।
यह शरीर में दर्द, पेट की समस्याओं, पाचन और एसिडिटी जैसे अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्‍याओं का भी ध्‍यान रखती है।
अगर आपको पेट की समस्‍या या पेचिश लगातार परेशान कर रहे हैं तो तांबे की अंगूठी को तुरंत पहनने से आपको समस्‍या को दूर करने में मदद मिलती है।


ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार वजन कम करने के लिए असरदार माने जाने वाले फाइबरयुक्त चीज़ें खाने के बावजूद भी अगर आपका वजन कम नहीं होता तो नियमित रूप से तांबे के बर्तन में रखे पानी को पियें। इस पानी से आपके शरीर की चर्बी कम होती है। तांबे में उच्च मात्रा एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व होने की वजह से इससे जख्म जल्दी भरते हैं। इसके अलावा तांबे से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और नई कोशिकाएं बनने में भी मदद होती है। तांबे का पानी पीने से पेट के अंदर के जख्म भी जल्दी ठीक हो जाते हैं। अगर आ चेहरे पर आती झुर्रियों से परेशान हैं तो तांबा आपके लिए प्राकृतिक उपचार साबित हो सकता है।


नाखून और त्वचा की समस्याओं के उपचार के लिए भी यह फायदेमंद है।


ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार एक तांबे (कॉपर) की अंगूठी पहनने से सूर्य से संबंधित सभी रोगों को दूर करने में मदद मिलती है। तांबे के चिकित्‍सा गुण जैसे एंजामेटिक केमिकल प्रतिक्रिया सकारात्‍मक शरीर के रसायन विज्ञान से जुड़े होते हैं। ऐसा होने से तांबा शरीर की त्‍वचा के ऑयल और एसिड के संपर्क में आता है लेकिन ऐसे में कोटेट तांबा काम नहीं करता है। जब तांबा त्‍वचा के सीधे संपर्क में होता है तो तांबे के सूक्ष्‍म पोषक तत्‍व त्‍वचा के माध्‍यम से तांबे के नमक के रूप में खून में प्रवेश कर तेल और एसिड के मिश्रण उत्‍पन्‍न कर तांबे के स्रोत को लेता है। इसलिए शुद्ध तांबे का प्रयोग करना चाहिए।



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